भोपाल (19 अगस्त 26)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद की बैठक मंगलवार को मंत्रालय में हुई। मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ और जीवनदायिनी माँ नर्मदा के संरक्षण, पुनर्जीवन तथा दीर्घकालीन सतत् प्रबंधन के लिए 'निर्मल एवं अविरल माँ नर्मदा मिशन (नमन मिशन)' के गठन की स्वीकृति प्रदान की गयी। इसी तरह मंत्रि-परिषद ने विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार और वैज्ञानिक क्षमता निर्माण को बढ़ावा देने के लिए 734 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। पिछले बीस वर्षों में प्रदेश में वैज्ञानिक अनुसंधान और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देने के लिए राज्य शासन द्वारा बजट में लगभग 150 गुना वृद्धि की गयी है। प्रदेश के सर्वांगीण विकास, जल संरक्षण, महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य और तकनीकी प्रगति को गति देने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णयों को मंजूरी दी गई। बैठक में राज्य की प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाओं के आगामी वर्षों में निर्बाध संचालन के लिए लगभग 1 लाख 46 हजार करोड़ रूपये की स्वीकृति प्रदान की गई।
महिला कल्याण को प्राथमिकता देते हुए 'मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना' के लिए 1,14,365 करोड़ रुपये, 'मध्यप्रदेश लाड़ली लक्ष्मी योजना' के लिए 16,326.47 करोड़ रुपये और 'प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना' के लिए 2,137.65 करोड़ रुपये की वित्तीय निरंतरता को मंजूरी दी गई है। प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण एवं अधोसंरचना विस्तार के लिए 11 हजार 835.35 करोड़ रुपये, कृषि शिक्षा व अनुसंधान के लिए 870 करोड़ 16 लाख रुपये तथा प्रशासनिक कार्य कुशलता और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के उद्देश्य से मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम में 35 नवीन पदों के सृजन को भी मंजूरी दी गई है। मंत्रि-परिषद ने प्रदेश को जीवनदायिनी नर्मदा नदी के संरक्षण, पुनर्जीवन और दीर्घकालीन सतत प्रबंधन के लिए 'निर्मल एवं अविरल माँ नर्मदा मिशन (नमन मिशन)' के गठन की स्वीकृति दी है। मध्यप्रदेश की लगभग 33 प्रतिशत आबादी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से नर्मदा नदी और उसके जलग्रहण क्षेत्र पर निर्भर है। इसे ध्यान में रखते हुए इस मिशन को एकीकृत, वैज्ञानिक और बहु-विभागीय संस्थागत व्यवस्था के रूप में विकसित किया गया है। 'नमन मिशन' को म.प्र. सोसायटी पंजीकरण अधिनियम, 1973 के तहत एक स्वायत्त संस्था के रूप में पंजीकृत किया जाएगा, जो पूर्व में गठित मंत्रिमंडल समिति, अन्तर्विभागीय कार्यकारिणी समिति और राज्य स्तरीय अनुश्रवण समिति की प्राथमिकताओं व अनुश्रवण तंत्र को समाहित कर सुदृढ़ कार्य योजना पर कार्य करेगा। नमन मिशन का प्रशासनिक ढांचा त्रि-स्तरीय रखा गया है।
मंत्रि-परिषद ने मिशन शक्ति- उपयोजना सामर्थ्य अंतर्गत केन्द्र प्रवर्तित योजना 'प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना' की वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरन्तरता एवं क्रियान्वयन के लिए 2,137 करोड़ 65 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। मंत्रि-परिषद ने 'मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना' के वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरन्तर संचालन के लिए 1 लाख 14 हजार 365 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। मंत्रि-परिषद ने लाड़ली लक्ष्मी योजना का वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक निरंतर संचालन के लिए 16 हजार 326.47 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। मंत्रि-परिषद ने किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग अंतर्गत तीन योजनाओं की 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 की अवधि तक संचालन की निरंतरता के लिए 870 करोड़ 16 लाख रूपये की स्वीकृति दी है। मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं के उन्नयन एवं सुदृढ़ीकरण के लिए कुल 11 हजार 835.35 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है। मंत्रि-परिषद ने मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम की पदीय सरंचना में पूर्व में स्वीकृत 288 पदों के अतिरिक्त 35 नवीन पदों एवं पूर्व से स्वीकृत 07 पदों की निरंतरता आगामी 5 वर्षों अर्थात् 18 सितम्बर 2031 तक रखे जाने की स्वीकृति प्रदान की है। मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार और वैज्ञानिक क्षमता निर्माण को बढ़ावा देने से संबंधित विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग अंतर्गत योजनाओं के 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 की अवधि तक निरंतर संचालन के लिए 734 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी है।