भोपाल (22 मई 25)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश देश का दिल है, और देश की धड़कनों में मध्यप्रदेश की आहट होना चाहिए। यह प्रदेश के युवाओं की प्रतिभा, योग्यता और दक्षता से ही संभव है। यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा वर्ष 2024 में प्रदेश के 60 युवाओं का चयन मध्यप्रदेश की क्षमता को दर्शाता है। प्रदेश के यह युवा, देश की अलग-अलग सेवाओं में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे और पूरा देश हमारे प्रदेश के प्रभाव का अनुभव करेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा 2024 में चयनित प्रतिभागियों के सम्मान तथा उनसे संवाद के लिए कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सभी चयनित प्रतिभागियों को स्मृति चिन्ह तथा भारतीय ज्ञान परम्परा पुस्तक की प्रति भेंट कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ई-ज्ञानसेतु यूट्यूब चैनल का लोकार्पण भी किया। उन्होंने पुस्तिका 'मध्यप्रदेश की प्रतिभाओं का परचम' का विमोचन किया। इस अवसर पर ई-ज्ञानसेतु और चयनित प्रतिभागियों पर वृत चित्र का प्रदर्शन भी किया गया। कार्यक्रम में उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार, मध्यप्रदेश हिन्दी ग्रंथ अकादमी के संचालक अशोक कड़ेल, प्रतिभागी और अन्य अधिकारी उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद देश को एक स्वस्थ्य लोकतांत्रिक राष्ट्र के रूप में स्थापित करने में प्रशासनिक सेवा के अधिकारियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। यह लोकतांत्रिक व्यवस्था की ही देन है कि जमीन से जुड़े व्यक्ति को भी देश-प्रदेश का नेतृत्व करने का अवसर प्राप्त हो सकता है। यह भी गर्व का विषय है कि सिविल सेवा में चयनित अधिकांश युवाओं ने शासकीय स्कूलों से पढ़ाई की है। उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि इतनी बड़ी संख्या में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में प्रदेश के युवाओं का चयन प्रदेशवासियों के लिए गर्व का विषय है। आप सबके सहयोग से प्रदेश के सपनों को साकार करने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम में मंदसौर के ऋषभ चौधरी और बालाघाट की फरखंदा कुरैशी ने सिविल सेवा चयन परीक्षा में अपने अनुभव साझा किए।