नईदिल्ली (12 नवंबर 25)। मध्यप्रदेश ने जल संरक्षण में एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। नई दिल्ली में मंगलवार को जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने 6वें राष्ट्रीय जल पुरस्कारों की घोषणा की। मध्यप्रदेश को दो श्रेणियों में सम्मान प्राप्त हुआ। मध्यप्रदेश के खरगोन जिले को पूर्वी क्षेत्र के सर्वश्रेष्ठ जिले का पुरस्कार मिला है, जबकि खंडवा जिले की ग्राम पंचायत कावेश्वर ने सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायत श्रेणी में संयुक्त रूप से द्वितीय स्थान प्राप्त किया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु 18 नवंबर 2025 को पुरस्कार प्रदान करेंगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुरस्कृत जिलों को बधाई दी है। 'जल संचय-जन भागीदारी' पहल में भी वेस्टर्न-जोन की श्रेणी एक में पहला पुरस्कार ईस्ट निमाड़ को मिला। श्रेष्ठ 50 शहरी निकायों में गुना जिले को प्रथम रैंक मिला। ज़िलों में श्रेणी तीन में गुना, बैतूल, धार, देवास, सिवनी और खरगौन का चयन हुआ है।
उल्लेखनीय है कि जल शक्ति मंत्रालय के अंतर्गत जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग ने वर्ष 2024 के लिए 6वें राष्ट्रीय जल पुरस्कारों के तहत कुल 46 विजेताओं (संयुक्त विजेताओं सहित) की घोषणा की । ये पुरस्कार 10 श्रेणियों में दिए जा रहे हैं- सर्वश्रेष्ठ राज्य, सर्वश्रेष्ठ जिला, सर्वश्रेष्ठ ग्राम पंचायत, सर्वश्रेष्ठ शहरी स्थानीय निकाय, सर्वश्रेष्ठ स्कूल या कॉलेज, सर्वश्रेष्ठ उद्योग, सर्वश्रेष्ठ जल उपयोक्ता संघ, सर्वश्रेष्ठ संस्था (स्कूल या कॉलेज के अतिरिक्त), सर्वश्रेष्ठ सिविल सोसायटी और जल क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य हेतु सर्वश्रेष्ठ व्यक्ति। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में जल शक्ति मंत्रालय राष्ट्रीय स्तर पर जल प्रबंधन और जल संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए एक व्यापक अभियान चला रहा है। इसी उद्देश्य से लोगों में जल के महत्व के प्रति जागरूकता उत्पन्न करने और उन्हें जल उपयोग के सर्वोत्तम तौर तरीकों को अपनाने में प्रेरित करने के लिए राष्ट्रीय जल पुरस्कारों की शुरुआत वर्ष 2018 में की गई थी।