भरसौर (12 सितंबर 24)। प्रसिद्ध मणिमहेश यात्रा के शाही स्नान (बडे़ न्हौण) में लाखों श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। सप्तमी के दिन यहां पर स्थानीय रीति-रिवाज के अनुसार अलग-अलग जगह से आई छड़ियों ने डल झील तोड़ने की रस्म को अदा किया। डल झील की रस्म को अदा करने के बाद यहां पर शाही स्नान शुरू हो गया। ज्योतिषियों के अनुसार शाही स्नान मंगलवार रात 11:02 से शुरू होकर बुधवार दोपहर 2:20 तक चलता रहा। इस दौरान देश-विदेश से आए हजारों श्रद्धालुओं ने इस पावन अवसर पर पवित्र डल झील में आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य अर्जित किया। इससे पहले मंगलवार को संचूई के शिव गुरों की छड़ी ने डल झील तोड़ने की रस्म को अदा किया, तत्पश्चात कार्तिक स्वामी कुगती के गुरों ने डल झील के काली डल को पार करके रस्म की अदायगी की। इस दौरान हजारों शिव भक्तों ने भोलेनाथ का जयकारा करने के साथ ही शाही स्नान में डुबकी लगाई। बुधवार को दोपहर बाद तक लोग स्नान करते रहे। इससे पहले भी कृष्ण जन्माष्टमी के शाही स्नान के दौरान एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र डल झील में डुबकी लगाई थी। मंगलवार व बुधवार को मौसम साफ रहने के चलते यहां पर स्थानीय श्रद्धालुओं की संख्या भी बढ़ गई।