नईदिल्ली (24 अगस्त 25)। भारत अब पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रहा है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने गुरुवार को नई दिल्ली में आयोजित 'इकोनॉमिक टाइम्स वर्ल्ड लीडर्स फोरम' के दौरान घोषणा की कि भारत फ्रांसीसी एयरोस्पेस कंपनी सफ्रान के साथ मिलकर पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमानों के इंजन का निर्माण करेगा।
राजनाथ सिंह ने मंच से कहा, 'आज, हमने पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान बनाने की दिशा में भी कदम आगे बढ़ा दिए हैं। हम भारत में ही विमान के इंजन के निर्माण की दिशा में भी आगे बढ़ रहे हैं। हम फ्रांसीसी कंपनी सफ्रान के साथ मिलकर भारत में इंजन निर्माण का काम शुरू करने जा रहे हैं।' रक्षा मंत्री ने इस अवसर पर विदेशी कंपनियों और निवेशकों से भारत के बढ़ते रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में निवेश करने की भी अपील की। उन्होंने कहा, 'मैं सभी विदेशी कंपनियों और निवेशकों से भारत के जीवंत रक्षा विनिर्माण पारिस्थितिकी तंत्र में निवेश करने की अपील करता हूं। हम आपको सभी आवश्यक मंज़ूरियाँ और सहयोग प्रदान करेंगे।' उन्होंने आगे कहा, 'मेक इन इंडिया केवल भारत तक सीमित नहीं है। जब आप भारत में निर्माण करेंगे, तो आप पूरी दुनिया के लिए निर्माण करेंगे। भारत की सोच शांति और विकास की ओर उन्मुख है। हमारे लिए अकेले विकास नहीं, बल्कि सामूहिक विकास अधिक महत्वपूर्ण है।'
राजनाथ सिंह की यह घोषणा उस समय आई है जब मई 2025 में रक्षा मंत्रालय ने उन्नत मध्यम लड़ाकू विमान कार्यक्रम के लिए 'कार्यान्वयन मॉडल' को मंजूरी दी थी। इस कार्यक्रम का उद्देश्य भारत की हवाई युद्ध क्षमता को और अधिक मज़बूती प्रदान करना है। मंत्रालय ने 27 मई को बयान जारी करते हुए कहा था, 'भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमताओं को बढ़ाने और घरेलू एयरोस्पेस उद्योग को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में, रक्षा मंत्री ने एएमसीए कार्यक्रम के निष्पादन मॉडल को मंजूरी दी है।' एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी इस परियोजना का नेतृत्व निजी उद्योग भागीदारों के साथ मिलकर कर रही है। AMCA, जिसे भारत का पांचवीं पीढ़ी का लड़ाकू जेट कहा जा रहा है, एक स्टील्थ-हैवी, मल्टी-रोल फाइटर जेट होगा। इसमें सेंसर फ्यूजन, इंटर्नल वेपन बे, सुपरक्रूज क्षमता, और नेक्स्ट-जेन एवियोनिक्स जैसी अत्याधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा।