नईदिल्ली (23 अक्टूबर 25)। भारत द्वारा संयुक्त राष्ट्र के सहयोग से शुरू की गई सौर ऊर्जा परियोजना ने प्रशांत क्षेत्र के 10 द्वीपीय देशों में 12 सार्वजनिक इमारतों को सौर ऊर्जा से रोशन किया है। यह परियोजना 15 करोड़ अमेरिकी डॉलर के ‘भारत-संयुक्त राष्ट्र विकास साझेदारी कोष (India-UN Development Partnership Fund)’ के तहत पूरी की गई।संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी मिशन ने जानकारी दी कि यह कोष 'हरित ऊर्जा समाधान' को बढ़ावा देने के लिए काम कर रहा है।
इस परियोजना में 74 स्थानीय तकनीशियनों को प्रशिक्षण दिया गया है, जिससे 16,500 से अधिक लोग लाभान्वित हुए हैं।यूएन ऑफिस फॉर साउथ-साउथ कोऑपरेशन के अनुसार, यह पहल 25 वर्षों में लगभग 9,600 टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन को रोकने में मदद करेगी।यूएनओएसएससी ने अपनी वेबसाइट पर कहा कि यह कोष विकासशील देशों, विशेषकर नवीकरणीय ऊर्जा की सीमित पहुंच वाले क्षेत्रों में, स्वच्छ ऊर्जा विकल्पों को मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा रहा है। इस परियोजना ने फ़िजी जैसे देशों में सरकारी भवनों को सौर ऊर्जा से संचालित करने में मदद की है। उल्लेखनीय है कि यह कोष 2017 में भारत सरकार के समर्थन और नेतृत्व में गठित किया गया था और इसे संयुक्त राष्ट्र के सहयोग से लागू किया जा रहा है।