Sunday, 27 Sep 2026

भारत के युद्धविराम प्रस्ताव से यूक्रेन खुश

भोपाल (25 सितंबर 26)। रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच भारत की पहल से समुद्री मोर्चे पर सीमित युद्धविराम की नई उम्मीद जगी है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा है कि भारत, मिस्र और तुर्किये की ओर से रखे गए प्रस्ताव के आधार पर यूक्रेन काला सागर में युद्धविराम के लिए तैयार है। हालांकि, इसके लिए रूस की सहमति जरूरी होगी। संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान ‘क्राइमिया प्लेटफॉर्म’ शिखर सम्मेलन में जेलेंस्की ने कहा कि भारत, मिस्र और तुर्किये ने काला सागर में मालवाही जहाजों की सुरक्षित आवाजाही बहाल करने के विकल्प सामने रखे हैं। उन्होंने कहा कि अब यूक्रेन रूस के जवाब का इंतजार कर रहा है। जेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन सुरक्षित समुद्री परिवहन और काला सागर में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए रूस को भी तनाव कम करने की दिशा में वास्तविक कदम उठाने होंगे।

काला सागर रूस और यूक्रेन दोनों के लिए महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। यहां जहाजों और बंदरगाहों पर हमलों के कारण माल की आवाजाही प्रभावित हुई है। इसका असर गेहूं, मक्का और अन्य खाद्य उत्पादों की आपूर्ति पर पड़ रहा है। काला सागर के रास्ते केवल यूक्रेन ही नहीं, बल्कि रूस भी अनाज, तेल, उर्वरक और अन्य उत्पादों का निर्यात करता है। इस क्षेत्र में जहाजों की आवाजाही प्रभावित होने से एशिया, पश्चिम एशिया और अफ्रीका के उन देशों पर भी असर पड़ सकता है जो काला सागर क्षेत्र से आने वाले अनाज पर निर्भर हैं। जेलेंस्की ने कहा कि सुरक्षित जहाजरानी बहाल करने के लिए शुरुआत कहीं से तो करनी होगी। उनका कहना है कि यूक्रेन अपनी तरफ से इस दिशा में कदम उठाने को तैयार है। जेलेंस्की ने बताया कि मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ उनकी मुलाकात में युद्ध के दौरान ऊर्जा संयंत्रों पर हमले नहीं करने के मुद्दे पर भी चर्चा हुई थी। यूक्रेन को आशंका है कि सर्दियों से पहले रूस उसके बिजली और गर्मी आपूर्ति से जुड़े ढांचे को मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बना सकता है। इसी वजह से यूक्रेन ऊर्जा ढांचे और काला सागर में जहाजरानी से जुड़े हमलों पर सीमित युद्धविराम की मांग कर रहा है।

Tags:

Follow us

This question is not available..!