Monday, 28 Sep 2026

भागीरथपुरा दूषित जलकांड: हाई कोर्ट ने लगाई फटकार

इंदौर (07 जनवरी 26)। भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी पीने से हुई मौतों के मामले में मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सरकार द्वारा कोर्ट में पेश की गई स्टेटस रिपोर्ट वास्तविक स्थिति को नहीं दर्शाती और मौतों का आंकड़ा गलत बताया गया है। कोर्ट के समक्ष सरकार ने दूषित पानी से सिर्फ 4 मौतें होने की जानकारी दी थी, जबकि अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है।

इस मामले को लेकर हाई कोर्ट में कुल पांच जनहित याचिकाओं पर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए रिपोर्ट की विश्वसनीयता पर भी संदेह जताया। कोर्ट ने कहा कि यदि पीने का पानी ही दूषित है तो यह बेहद गंभीर विषय है और यह समस्या केवल किसी एक इलाके तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे इंदौर शहर में पीने के पानी की सुरक्षा पर सवाल खड़े करती है। हाईकोर्ट ने पूरे प्रदेश में पेयजल की स्थिति को लेकर भी चिंता जताई और इस गंभीर मामले में मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव को अगली सुनवाई में वर्चुअली पेश होने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 15 जनवरी को तय की गई है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि वह इस मामले में सीधे मुख्य सचिव का पक्ष सुनना चाहता है। साथ ही प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि जिस तरह कोरोना महामारी के दौरान मेडिकल बुलेटिन जारी किया जाता था, उसी तर्ज पर दूषित पानी से फैली बीमारी और उसके प्रभाव को लेकर नियमित अपडेट सार्वजनिक किए जाएं।

कोर्ट के समक्ष यह भी बात आई कि जमीनी हालात सरकार की रिपोर्ट से अलग तस्वीर पेश कर रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार दूषित पानी पीने से अब तक 17 लोगों की मौत हो चुकी है। वर्तमान में 110 मरीज विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं। अब तक कुल 421 मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जिनमें से 311 मरीज उपचार के बाद डिस्चार्ज किए जा चुके हैं, जबकि 15 मरीज आईसीयू में इलाजरत हैं।

भागीरथपुरा के पानी से 18वीं मौत: भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने के कारण अब तक 18 लोगों की जान जा चुकी है, भागीरथपुरा निवासी निर्मला भगोरिया ने बताया कि उनकी मां हरकुंवर बाई उनके पास रहने के लिए 20 दिसम्बर 2025 को आई थी लेकिन 30 दिसम्बर 2025 को उनकी अचानक तबयित खराब होने लगी। उन्हें उल्टी दस्त हो रहे थे। इसलिए  उन्हें कुलकर्णी भट्टा निवासी भाई सुनील के यहां भेज दिया। 1 जनवरी मेडिकल से दवाई ली लेकिन 2 जनवरी की सुबह उनकी मृत्यू हो गई। मौत के संबंध में हमने आंगनवाड़ी कार्यकतार्ओं को जानकारी दी लेकिन उन्होंने यह कहा कि मौत कुलकर्णी भट्टा क्षेत्र में हुई है तो यहां नाम नहीं जुड़ेगा।

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