भोपाल (09 अगस्त 26)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि ब्रिक्स देशों के संस्कृति मंत्रियों एवं वैश्विक प्रतिनिधियों का सम्मेलन संपूर्ण राज्य के लिए अत्यंत गर्व और गौरव का विषय है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सक्षम नेतृत्व में भारत अपनी सांस्कृतिक धरोहर, समृद्ध प्राचीन परंपराओं और ऐतिहासिक गौरव को विश्व पटल पर अत्यंत प्रभावशीलता और गर्व के साथ प्रस्तुत कर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव शनिवार को कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों और संस्कृति कार्य समूह की बैठकों के समापन अवसर पर मीडिया प्रतिनिधियों से चर्चा कर रहे थे। ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों के गहन मंथन और बहुपक्षीय चर्चाओं के उपरांत सर्वसम्मति से 'भोपाल घोषणा पत्र' को अपनाया गया, जो ब्रिक्स सदस्य देशों के बीच सांस्कृतिक संबंधों, विरासत संरक्षण और रचनात्मक अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने के लिए मील का पत्थर सिद्ध होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इस बैठक के माध्यम से न केवल ब्रिक्स राष्ट्रों के बीच सांस्कृतिक साझेदारी प्रगाढ़ हुई है, बल्कि मध्यप्रदेश के पर्यटन, हस्तशिल्प और लोक कलाओं को भी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान मिली है। उन्होंने इस ऐतिहासिक आयोजन के सफल प्रबंधन के लिए केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय और सभी सहभागी देशों के प्रतिनिधियों का हृदय से धन्यवाद और आभार व्यक्त किया।
केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कहा कि भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के अंतर्गत संस्कृति कार्य समूह की बैठकों का एक सुव्यवस्थित क्रम आयोजित किया गया। इसके अंतर्गत पहली ब्रिक्स संस्कृति कार्य समूह की बैठक 29–30 अप्रैल 2026 को वर्चुअल माध्यम से आयोजित की गई, दूसरी बैठक 4–5 जून 2026 को वाराणसी में और तीसरी बैठक 5–6 अगस्त 2026 को भोपाल में आयोजित की गई। इन बैठकों के गहन विचार-विमर्श का समापन 8 अगस्त 2026 को भोपाल में आयोजित 11वीं ब्रिक्स संस्कृति मंत्रियों की बैठक के साथ हुआ, जिसमें सर्वसम्मति से 'भोपाल घोषणा पत्र' को पारित किया गया। मुख्य सचिव अशोक बर्णवाल ने कहा कि भोपाल घोषणा पत्र के माध्यम से मध्यप्रदेश और भोपाल की छवि में पूरे विश्व में निखार आयेगा। मुख्य सचिव बर्णवाल ने मध्यप्रदेश की ओर से केन्द्र सरकार का भी आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर केंद्रीय संस्कृति सचिव विवेक अग्रवाल और अपर मुख्य सचिव संस्कृति शिवशेखर शुक्ला उपस्थित थे।