सागर (08 अक्टूबर 26)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि वन्य जीव हमारे वनों के आभूषण हैं। इन्हें संजोकर रखना हम सबका दायित्व है। उन्होंने कहा कि मप्र की धरती पर वन्य जीवों का संरक्षण और संवर्धन हमारा मिशन है और यह मिशन लगातार भी जारी रहेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव बुधवार सागर के रहली में वन्य जीव सप्ताह समापन समारोह को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने वीरांगना दुर्गावती टाइगर रिजर्व में 2 चीते (नर 'व्योम' और मादा 'नीरा') के लिए तैयार किए गए सुरक्षित बाड़े (सॉफ्ट रिलीज बोमा) में विमुक्त किये। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने चीता मित्रों और बाघिन दीदी से भी संवाद किया।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश की धरती पर कूनो राष्ट्रीय उद्यान और गांधी सागर अभयारण्य के बाद नौरादेही टाइगर रिजर्व में चीतों को नया ठिकाना मिला है। बुंदेलखंड स्थित वीरांगना दुर्गावती अभयारण्य प्रदेश में तीसरा ऐसा स्थान बना है, जहां चीते अपने अनुकूल प्राकृतिक आवास में स्वच्छंद होकर विचरण करेंगे। नौरादेही में 41 वर्ष पहले टाइगर रिजर्व की स्थापना हुई थी। यह अभयारण्य सबसे खास होगा, क्योंकि अब नौरादेही में पर्यटकों को चीता और टाइगर एक ही रिजर्व में विचरण करते नजर आएंगे। आज नौरादेही अभयारण्य में 2 चीते मुक्त आवास में छोड़े गए हैं। अगले महीने 2 और चीते यहां लेकर आएंगे। उन्होंने कहा कि चीता एक ऐसा जीव है, जो सभी को लेकर साथ चलता है। मध्यप्रदेश में चीतों की संख्या अब 60 तक पहुंच गई है। प्रदेश की धरती वन्य प्राणियों के लिए सबसे अनुकूल है। मध्यप्रदेश, देश में सबसे अधिक टाइगर और गिद्धों की संख्या वाला राज्य है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार वन और वन्य प्राणियों की चिंता करते हुए उनका सभी प्रकार से संरक्षण कर रही है। मध्यप्रदेश में जलचर, थलचर और नभचर सभी प्रकार के जीवों की संख्या निरन्तर बढ़ रही है। राज्य में नर्मदा मैया के वाहन मगरमच्छ को भी संरक्षण दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पुस्तक, 'गिद्ध संख्या आंकलन 2026', बुंदेली बोली में तैयार वीडीटीआर के पोस्टर, जनभागीदारी आधारित बाघिन दीदी अभियान के ब्रोशर का विमोचन किया। कार्यक्रम में खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविन्द सिंह राजपूत, सांसद राहुल सिंह, पूर्व मंत्री गोपाल भार्गव विधायक बृज विहारी पटेरिया, विधायक प्रदीप लारिया, विधायक शैलेंद्र सिंह, विधायक वीरेंद्र सिंह लम्बरदार, प्रमुख सचिव वन राघवेंद्र सिंह, वनबल प्रमुख शुभरंजन सेन, मुख्य वन संरक्षक (वन्य प्राणी) डॉ. समिता राजौरा, रानी कुशवाहा सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और स्थानीय नागरिक उपस्थित थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में पुस्तक, 'गिद्ध संख्या आंकलन 2026', बुंदेली बोली में तैयार वीडीटीआर के पोस्टर, जनभागीदारी आधारित बाघिन दीदी अभियान के ब्रोशर का विमोचन किया।