भागलपुर (19 जून 26)। वैभव सूर्यवंशी के बाद अब बिहार के क्रिकेट गलियारों से एक और सनसनीखेज खबर सामने आई है। रक्सौल की रहने वाली 15 वर्षीय अक्षरा गुप्ता ने महिला घरेलू क्रिकेट में वो कारनामा कर दिखाया है, जिसने दिग्गजों को भी दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया है। भागलपुर के सैंडिस कंपाउंड ग्राउंड में खेले गए BCA महिला U-19 वन-डे ट्रॉफी के एक मैच में अक्षरा ने नाबाद 306 रनों की तूफानी पारी खेली।
अक्षरा की बल्लेबाजी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने अपना अर्धशतक मात्र 16 गेंदों में और शतक सिर्फ 34 गेंदों में पूरा कर लिया। अपनी इस ऐतिहासिक पारी के दौरान उन्होंने 55 चौके और 8 छक्के जड़े और उनका स्ट्राइक रेट 242.86 रहा। इस स्कोर के साथ वह महिला घरेलू क्रिकेट में सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बनाने वाली दूसरी खिलाड़ी बन गई हैं। अक्षरा की इस सफलता के पीछे उनके परिवार का कड़ा संघर्ष छिपा है। उनके पिता, राज किशोर शाह, रक्सौल में चिकन की दुकान चलाते हैं। अक्षरा ने बिना किसी कोच या एकेडमी के, घर के पिछवाड़े में अभ्यास कर यह मुकाम हासिल किया है। उनकी मां रीना देवी उन्हें रोज़ सुबह 5 बजे जगाती थीं और उनके चाचा की देखरेख में वह रोजाना 5 घंटे अभ्यास करती थीं। अक्षरा की इस उपलब्धि पर बिहार क्रिकेट एसोसिएशन के प्रेसिडेंट हर्षवर्धन और सेक्रेटरी ज़ियाउल अर्फ़िन ने उन्हें बधाई दी है। अक्षरा बीसीसीआई के सभी चार प्रमुख फॉर्मेट में एक ही सीजन (2024-25) में खेलने वाली देश की पहली महिला खिलाड़ी भी बन चुकी हैं।