न्यूयॉर्क (27 सितंबर 26)। ऊर्जा के क्षेत्र में अपनी निर्भरता कम करने और दीर्घकालिक जरूरतों को पूरा करने की कोशिश कर रहा बांग्लादेश अब परमाणु ऊर्जा सहयोग को भी तेजी से आगे बढ़ा रहा है। इसी कड़ी में बांग्लादेश और अमेरिका ने शांतिपूर्ण परमाणु ऊर्जा के इस्तेमाल को लेकर एक रणनीतिक समझौता किया है। न्यूयॉर्क में हुए इस समझौते से दोनों देशों के बीच असैन्य परमाणु सहयोग का दायरा बढ़ने की उम्मीद है। बांग्लादेश और अमेरिका ने परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग में सहयोग को मजबूत करने के लिए एक रणनीतिक असैन्य परमाणु सहयोग सहमति ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं।
बांग्लादेश की सत्तारूढ़ पार्टी बीएनपी के मीडिया प्रकोष्ठ के अनुसार, इस समझौते पर शुक्रवार को न्यूयॉर्क में हस्ताक्षर किए गए। बांग्लादेशी प्रधानमंत्री के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी सलाहकार रेहान असद और अमेरिका के आर्थिक विकास, ऊर्जा एवं पर्यावरण मामलों के मंत्री जैकब हेलबर्ग ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। यह समझौता ऐसे समय हुआ है जब बांग्लादेश अपने दीर्घकालिक ऊर्जा स्रोतों का विस्तार करने के साथ-साथ उन्हें अधिक विविध बनाने की कोशिश कर रहा है।बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था और आबादी की बढ़ती ऊर्जा जरूरतों के बीच सरकार के लिए स्थिर और दीर्घकालिक ऊर्जा आपूर्ति एक महत्वपूर्ण मुद्दा है।
इसी रणनीति में परमाणु ऊर्जा को भी जगह दी जा रही है। बांग्लादेश अपने पहले परमाणु ऊर्जा संयंत्र का निर्माण रूपपुर में कर रहा है। देश परमाणु विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग बढ़ाने की दिशा में भी प्रयास कर रहा है।अमेरिका के साथ हुआ यह एमओयू इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा है। असैन्य परमाणु सहयोग के जरिए दोनों देशों के बीच परमाणु ऊर्जा के शांतिपूर्ण उपयोग से जुड़े क्षेत्रों में सहयोग को आगे बढ़ाने का रास्ता खुल सकता है। यह समझौता ऐसे समय में हुआ है जब बांग्लादेश अपनी ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने और भविष्य की ऊर्जा जरूरतों के लिए वैकल्पिक तथा दीर्घकालिक स्रोत विकसित करने पर जोर दे रहा है।