बेलगावी (28 मई 24)। उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ ने आज देश में एक फिटनेस संस्कृति विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया ताकि प्रत्येक भारतीय फिट और स्वस्थ रह कर भारत के विकसित भारत @2047 में सकारात्मक योगदान देने में सक्षम हो सके। कर्नाटक के बेलगावी में भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद- राष्ट्रीय पारंपरिक चिकित्सा संस्थान (आईसीएमआर -एनआईटीएम) के 18वें स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए, उपराष्ट्रपति ने स्वास्थ्य की बात आने पर 'हमारे ज्ञान, हमारी मेधा में पहले से ही क्या है' पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता को रेखांकित किया। यह मानते हुए कि आयुर्वेद, सिद्ध, यूनानी और योग को शामिल करते हुए भारत की पारंपरिक चिकित्सा की समृद्ध टेपेस्ट्री हमारे पूर्वजों के गहन ज्ञान का प्रमाण है, उन्होंने कहा कि 'वे विज्ञान, दर्शन और आध्यात्मिकता का एक ऐसा आदर्श मिश्रण हैं, जो मन, शरीर और आत्मा और प्रकृति के बीच संतुलन के पूर्ण सामंजस्य पर बल देते हैं।'