लंदन (23 अक्टूबर 25)। ब्रिटेन के प्रिंस हैरी और मेघन मार्कल ने एक अंतरराष्ट्रीय अपील पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं, जिसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) सुपर इंटेलिजेंस के विकास पर अस्थायी प्रतिबंध लगाने की मांग की गई है। इस पत्र में कहा गया है कि जब तक यह सुनिश्चित न हो जाए कि सुपर इंटेलिजेंस सुरक्षित और मानव नियंत्रण में रहेगी, तब तक इसके विकास को रोक दिया जाना चाहिए।यह पत्र गूगल, ओपनएआई और मेटा जैसी बड़ी टेक कंपनियों को सीधे संबोधित करता है, जो ऐसी AI प्रणालियों के विकास में लगी हैं जो कई कार्यों में मनुष्यों से आगे निकल सकती हैं।
प्रिंस हैरी ने कहा, 'AI का भविष्य मानवता की सेवा करना चाहिए, न कि उसकी जगह लेना। असली प्रगति की परीक्षा यह होगी कि हम कितनी समझदारी से आगे बढ़ते हैं।' उनकी पत्नी मेघन मार्कल ने भी इस पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं, जो अब वैश्विक स्तर पर AI सुरक्षा को लेकर चर्चा का केंद्र बन गया है। पत्र जारी करने वाली संस्था “फ्यूचर ऑफ लाइफ इंस्टीट्यूट” ने चेतावनी दी है कि सुपर इंटेलिजेंस वाली AI मानव जाति के अस्तित्व के लिए खतरा बन सकती है।पत्र में कहा गया है कि जब तक यह सुनिश्चित न हो जाए कि AI पूरी तरह सुरक्षित, पारदर्शी और लोकतांत्रिक नियंत्रण में है, तब तक उसके विकास पर रोक जरूरी है। AI के अग्रणी वैज्ञानिक जेफ्री हिंटन, जिन्होंने खुद इस तकनीक के विकास में भूमिका निभाई, अब इसके खतरों को लेकर सतर्क कर रहे हैं। उनका कहना है कि अगर सुरक्षा उपायों की अनदेखी की गई तो यह तकनीक मानवता के अस्तित्व के लिए खतरा बन सकती है।