Monday, 28 Sep 2026

पूरे देश को एक ‘सिस्टम’ ने कब्जे में लिया: राहुल गांधी

इंदौर (20 सितंबर 26)। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शनिवार को आरोप लगाया कि एक 'सिस्टम' ने पूरे देश को अपने कब्जे में ले लिया है और वह नहीं चाहता कि छात्र सवाल उठाएं। लोकसभा में विपक्ष के नेता गांधी ने इंदौर में 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम के नवीनतम संस्करण को संबोधित करते हुए कहा कि छात्र भारत का भविष्य हैं और उनके बिना कोई भी देश मजबूत नहीं बन सकता। उन्होंने दावा किया कि देश में शिक्षकों के 10 लाख पद रिक्त हैं। एक लाख स्कूल बंद हो चुके हैं, जिनमें से 55 प्रतिशत उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के हैं।

गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजित डोभाल सोशल मीडिया समेत हर चीज को नियंत्रित कर रहे हैं और जासूसी में लिप्त हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र 'सिस्टम (व्यवस्था) पर सवाल पूछ रहे हैं, जिसमें अदाणी, अंबानी, जय शाह और अन्य लोग शामिल हैं, लेकिन अंधभक्त उनका विरोध करते हैं।' कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने मध्य प्रदेश में भर्ती परीक्षाओं में 13 प्रतिशत आरक्षण पर रोक का मुद्दा उठाया। एक युवती ने राहुल गांधी से कहा कि मध्य प्रदेश सरकार की परीक्षाएं पास करने के बावजूद उनके जैसे कई अभ्यर्थी परेशान हैं, क्योंकि कानूनी विवाद के चलते 13 प्रतिशत नियुक्तियां रोक दी गई हैं। मध्य प्रदेश में 13 प्रतिशत आरक्षण का मुद्दा विवादित 87:13 फार्मूले से संबंधित है जिस पर एमपीएससी ओबीसी आरक्षण को लेकर अदालत में इस मसले पर जारी सुनवाई के चलते अमल कर रहा है। देवास के एक छात्र ने दावा किया कि जब उन लोगों ने मध्य प्रदेश लोक सेवा आयोग (एमपीपीएससी) में अनियमितताओं का मुद्दा उठाया तो प्राथमिकी दर्ज करके उन्हें जेल भेज दिया गया। इस बीच, राहुल गांधी ने मध्य प्रदेश में शिक्षक पद के अभ्यर्थियों के जारी प्रदर्शन में शामिल होने की पेशकश की। 

इंदौर में शनिवार की शाम 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम का आयोजन राजीवगांधी चौराहे स्थित भारत जोड़ो मैदान पर किया गया। इसमें कई जिलों से आए छात्रों ने अपनी समस्याएं कांग्रेस नेता राहुल गांधी के सामने रखीं। राजगढ़ की सपना गुर्जर ने कहा कि दो परीक्षाएं उत्तीर्ण करने के बावजूद वह बेरोजगार हैं। उनका आरोप था कि सरकार न्यायालयीन मामलों का हवाला देकर नियुक्तियां रोक देती है। उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय की कई बार फटकार के बावजूद स्थिति में बदलाव नहीं आया। नर्सिंग छात्रा याशिका दानी ने अपनी पढ़ाई और परिणाम से जुड़ी परेशानी बताई। उसने कहा कि वह नर्सिंग के तीसरे वर्ष में है, लेकिन अब तक न तो परिणाम मिला है और न ही डिग्री। परिवार के लिए नर्सिंग की फीस जुटाना मुश्किल था, इसलिए उसने कॉल सेंटर में काम करते हुए पढ़ाई शुरू की। देवास के रणदीप ने भर्ती परीक्षाओं और उनसे जुड़े विरोध प्रदर्शनों की समस्याएं उठाईं। उज्जैन की एक छात्रा ने छात्रावास और आवास भत्ते से जुड़ी परेशानी बताई। कार्यक्रम में छात्रों ने बेरोजगारी, भर्ती परीक्षाओं, लंबित परिणाम, छात्रवृत्ति, छात्रावास, आवास और आदिवासी छात्रों से जुड़े मुद्दे भी उठाए। राहुल गांधी ने शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि देश में करीब 10 लाख शिक्षकों के पद खाली हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा देश की बुनियाद है, लेकिन मौजूदा व्यवस्था ने इसी बुनियाद को कमजोर कर दिया है। उन्होंने छात्रों से जुड़े मुद्दों को उठाने और उनकी लड़ाई जारी रखने की बात कही। 



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