वाशिंगटन (12 अक्टूबर 26)। विश्व बैंक के क्षेत्रीय वर्गीकरण में बदलाव को लेकर पाकिस्तान में बहस छिड़ गई है। पाकिस्तानी पत्रकार शहबाज राणा के मुताबिक, पाकिस्तान को दक्षिण एशिया समूह से हटाकर मध्य पूर्व, उत्तरी अफ्रीका, अफगानिस्तान और पाकिस्तान वाले MENAAP समूह में शामिल किया गया है। हालांकि, इसे भारत की जीत या पाकिस्तान को दंडित करने का फैसला बताने के लिए ठोस प्रमाण सामने नहीं हैं। यह बदलाव विश्व बैंक की प्रशासनिक और क्षेत्रीय व्यवस्था से जुड़ा है।
विश्व बैंक के आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार, पाकिस्तान और अफगानिस्तान को 1 जुलाई 2025 से दक्षिण एशिया की श्रेणी से हटाकर मध्य पूर्व, उत्तरी अफ्रीका, अफगानिस्तान और पाकिस्तान क्षेत्र में शामिल किया गया। इस बदलाव की पुष्टि विश्व बैंक के आँकड़ा पोर्टल और उसके दिसंबर 2025 के लेख में भी की गई है। दक्षिण एशिया के इस नए वर्गीकरण में अब भारत, बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल, भूटान और मालदीव शामिल हैं। पाकिस्तान और अफगानिस्तान को अलग क्षेत्रीय समूह में रखा गया है। पाकिस्तानी पत्रकार शहबाज राणा ने अपने कार्यक्रम में इस बदलाव को भारत-पाकिस्तान तनाव और विश्व बैंक के क्षेत्रीय कार्यालय से जुड़ी परिस्थितियों से जोड़कर चर्चा की। उनके अनुसार, नई दिल्ली में कार्यालय होने की स्थिति में पाकिस्तानी अधिकारियों को वीजा संबंधी कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता था। क्षेत्रीय वर्गीकरण बदलने से पाकिस्तान की भौगोलिक स्थिति या उसकी आय के आधार पर तय होने वाली आर्थिक श्रेणी अपने आप नहीं बदलती। लेकिन इससे क्षेत्रीय आर्थिक वृद्धि, गरीबी और विकास संबंधी आँकड़ों की गणना तथा देशों के बीच तुलना प्रभावित हो सकती है।
विश्व बैंक ने अपने लेख में भी स्पष्ट किया है कि क्षेत्रीय सीमाओं में बदलाव से विकास संबंधी आंकड़ों की व्याख्या बदल सकती है। विश्व बैंक के गरीबी संबंधी आंकड़ों में भी इस बदलाव का असर दिखाई देता है। संस्था ने बताया है कि पाकिस्तान के लिए उपलब्ध अंतरराष्ट्रीय गरीबी रेखा से जुड़े सर्वेक्षण के आँकड़े पुराने हैं और 2018 के सर्वेक्षण पर आधारित हैं। इस कारण नए MENAAP क्षेत्र की गरीबी का आकलन करते समय आँकड़ों की उपलब्धता एक चुनौती है।