रायसेन (24 सितंबर 25)। मध्य प्रदेश के रायसेन जिले के बाड़ी में स्थित मां हिंगलाज देवी का मंदिर लगभग 500 वर्षों से आस्था का प्रतीक है। यह मंदिर 51 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है और इसका इतिहास पाकिस्तान के बलूचिस्तान से जुड़ा हुआ है। मान्यता है कि मां हिंगलाज देवी अपने भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी करती हैं, इसलिए राज्य भर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां दर्शन करने आते हैं।
माना जाता है कि करीब 500 साल पहले देवी ने अपने परम भक्त महंत भगवान दास को स्वप्न में आकर कहा कि उन्हें पाकिस्तान के बलूचिस्तान से लाया जाए। इसके बाद महंत वहां गए और देवी को ज्वाला के रूप में लेकर बाड़ी में स्थापित किया। तब से मंदिर में अखंड ज्योति जल रही है और देवी मां के रूप में विराजमान हैं। भक्तों का मानना है कि मंदिर में दर्शन मात्र से हर इच्छा पूरी होती है। यहां से कोई भी खाली हाथ नहीं जाता। यही कारण है कि देश के कोने-कोने से श्रद्धालु इस मंदिर में आकर देवी की कृपा प्राप्त करते हैं। एक भक्त का कहना है कि मंदिर में आकर ऐसा लगता है जैसे एक बच्चे को अपनी मां की गोद में जो सुख मिलता है, वही सुख यहां मिलता है। पुजारी ने भी कहा कि मंदिर में भक्तों की हर मनोकामना पूरी होती है और यही कारण है कि लोग वर्षों से यहां आते रहते हैं।