भोपाल (06 फरवरी 25)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि जीवन में सफलता के लिए योग्यता के साथ-साथ नैतिक मूल्यों और संस्कारों का अनुसरण आवश्यक है। मेरिट में आए विद्यार्थी यदि अपनी योग्यता का उपयोग केवल स्वयं के लिए करेंगे तो उनकी प्रतिभा का लाभ समाज को नहीं मिल पाएगा। नैतिक मूल्यों का अनुसरण करते हुए सबके हित और सबके सुख का ध्यान रखकर किए गए कार्य न केवल समाज अपितु राष्ट्र की प्रगति में विद्यार्थियों के योगदान का मार्ग प्रशस्त करेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव कुशाभाऊ ठाकरे सभागार में मेधावी विद्यार्थियों को ई-स्कूटी वितरण के राज्य स्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने हर चुनौती और कठिन समय का धैर्य और साहस के साथ सामना करने के लिए विद्यार्थियों को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि युवाओं को शासकीय और निजी क्षेत्र की नौकरियों का लक्ष्य रखने के साथ ही समाज को नेतृत्व प्रदान करने, आने वाली पीढ़ी को शिक्षा देने जैसे दायित्वों के निर्वहन को भी अपना ध्येय बनाना चाहिए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जापान की उद्यमशीलता का उदाहरण देते हुए कहा कि युवा उद्यमिता के माध्यम से नौकरी करने वाले नहीं अपितु रोजगार देने वाले बन सकते हैं। राज्य सरकार उद्योग स्थापना में हरसंभव सहयोग और मार्गदर्शन प्रदान करने के लिए तत्पर है। डॉ. यादव ने समारोह में 10 मेधावी विद्यार्थियों को स्कूटी की चाबी प्रदान की तथा उनके साथ स्कूटी चलाकर उनका उत्साहवर्धन भी किया। माध्यमिक शिक्षा मंडल की कक्षा 12वीं की परीक्षा में शासकीय विद्यालयों के टॉपर्स को स्कूटी प्रदान करने की इस योजना के अंतर्गत संपूर्ण प्रदेश में 7 हजार 900 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को ई-स्कूटी प्रदान की जा रही है।