झारग्राम (21 मई 24)। प्रवर्तन निदेशालय ( ईडी) ने सोमवार को उच्चतम न्यायालयसे कहा कि झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपने खिलाफ धन शोधन मामले की जांच को ‘राज्य मशीनरी का दुरूपयोग कर' प्रभावित करने की कोशिश कर रहे हैं। ईडी ने लोकसभा चुनाव में प्रचार करने के लिए अंतरिम जमानत देने के उनके ‘विशेष अनुरोध' का भी विरोध किया। जांच एजेंसी ने न्यायालय में यह दलील दी कि एक राजनीतिक नेता एक सामान्य नागरिक से अधिक किसी विशेष दर्जे का दावा नहीं कर सकता।
ईडी ने शीर्ष अदालत को बताया कि अगर सोरेन को चुनाव प्रचार के लिए अंतरिम जमानत दी जाती है, तो जेल में बंद सभी राजनीतिक नेता यह दावा करते हुए समान व्यवहार की मांग करेंगे कि वे ‘उनके ही वर्ग' से आते हैं। न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता की एक अवकाशकालीन पीठ सोरेन की गिरफ्तारी के खिलाफ और उनकी अंतरिम जमानत अर्जी पर मंगलवार को सुनवाई करने वाली है। इस बात पर जोर देते हुए कि देश में चुनाव साल भर होते रहते हैं, जांच एजेंसी ने कहा कि अगर सोरेन की ‘विशेष सलूक' करने की प्रार्थना स्वीकार कर ली जाती है, तो किसी भी राजनीतिक नेता को गिरफ्तार नहीं किया जा सकता और न्यायिक हिरासत में नहीं रखा जा सकता। एजेंसी ने कहा कि 31 जनवरी को सोरेन की गिरफ्तारी को झारखंड उच्च न्यायालय ने बरकरार रखा है और उनकी नियमित जमानत याचिका 13 मई को निचली अदालत द्वारा खारिज कर दी गई है।