लखनऊ (21 अगस्त 24)। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आदेश दिया है कि अब राज्य के सभी सरकारी कर्मचारियों को अपनी चल और अचल संपत्ति की घोषणा करनी होगी। इस दिशा-निर्देश के अनुसार, कर्मचारियों को अपनी संपत्ति की जानकारी 31 अगस्त तक प्रस्तुत करनी होगी। यदि कर्मचारी इस अंतिम तिथि तक संपत्ति की जानकारी नहीं देते हैं, तो उन्हें अगस्त महीने की वेतन प्राप्त नहीं होगी। इसके अलावा, उनकी पदोन्नति भी प्रभावित होगी। इस आदेश के तहत, सरकारी कर्मचारियों को अपनी सम्पत्ति का विवरण प्रदान करना अनिवार्य होगा, जिससे सरकार को पारदर्शिता और भ्रष्टाचार पर नियंत्रण रखने में मदद मिलेगी। यह कदम सरकारी तंत्र की जवाबदेही को बढ़ाने और भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सख्त प्रहार के रूप में देखा जा रहा है।
यह निर्णय सरकारी कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और निष्पक्षता को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश सरकार के चीफ सेक्रेटरी ने सभी विभागों के प्रमुखों को एक पत्र भेजा है। इस पत्र में निर्देश दिया गया है कि सभी सरकारी कर्मचारियों को अपनी चल और अचल संपत्ति की जानकारी 31 अगस्त तक प्रस्तुत करनी होगी। अगर कर्मचारी इस निर्धारित तिथि तक संपत्ति की घोषणा नहीं करते हैं, तो उनके प्रमोशन को रोक दिया जाएगा और अगस्त महीने की सैलरी भी जारी नहीं की जाएगी। सरकार ने पहले भी कर्मचारियों को अपनी संपत्ति की घोषणा करने के लिए कहा था, लेकिन पर्याप्त और संतोषजनक उत्तर नहीं मिलने पर अब सरकार ने सख्त कदम उठाया है। इस फैसले के माध्यम से सरकार पारदर्शिता और भ्रष्टाचार पर नियंत्रण के लिए गंभीरता दिखा रही है।