नईदिल्ली (09 जून 24)। कांग्रेस संसदीय दल की प्रमुख फिर से चुने जाने के बाद सोनिया गांधी ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर तीखा प्रहार किया और कहा कि इस लोकसभा चुनाव में मोदी की राजनीतिक एवं नैतिक हार हुई तथा उन्होंने अब नेतृत्व का अधिकार खो दिया है। उन्होंने ‘संविधान सदन' (पुरानी संसद) के केंद्रीय कक्ष में नवनिर्वाचित सांसदों को संबोधित करते हुए यह भी कहा कि विफलता की जिम्मेदारी लेने की बजाय प्रधानमंत्री रविवार को फिर से शपथ लेने का इरादा रखते हैं।
सोनिया गांधी का कहना था, ‘हम उनसे यह उम्मीद नहीं करते हैं कि वे अपने शासन की शैली को बदल देंगे, न ही (वह) लोगों की इच्छा का संज्ञान लेंगे।' कांग्रेस संसदीय दल की बैठक में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोनिया गांधी को सीपीपी प्रमुख नियुक्त करने का प्रस्ताव पेश किया, जिसका पार्टी के तीन सांसदों गौरव गोगोई, तारिक अनवर और के. सुधाकरन ने अनुमोदन किया। सोनिया गांधी 1999 से लगातार पार्टी की संसदीय दल की प्रमुख की जिम्मेदारी निभाती आ रही हैं। संसदीय दल की प्रमुख एक बार फिर से चुने जाने पर सोनिया गांधी ने कहा, ‘आप सभी ने एक बार फिर मुझ पर जो बड़ी जिम्मेदारी डाली है, उसके प्रति मैं पूरी तरह सचेत हूं...आपने सबसे चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में कठिन चुनाव लड़ा है। आपने कई बाधाओं को पार किया है और बहुत प्रभावी ढंग से अभियान चलाया है। आपकी सफलता ने हमें लोकसभा में अधिक उपस्थिति और इसकी कार्यवाही में ज्यादा प्रभावी आवाज प्रदान की है।'