नईदिल्ली (27 मई 26)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ड्रोन से नशीले पदार्थों और हथियारों की तस्करी रोकने के लिए कठोर उपाय किए जाने की जरूरत बताते हुए मंगलवार को कहा कि भारत सरकार सीमा पर ड्रोन-रोधी प्रणाली लगाने की शुरुआत अगले छह महीने में करेगी। शाह ने इस समस्या और चुनौती के प्रभावी समाधान के लिए स्थानीय नागरिकों, प्रशासन और पुलिस के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया।
शाह ने कहा कि सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), सशस्त्र बलों, स्थानीय प्रशासन और नागरिकों को शामिल करते हुए बहु-स्तरीय 'चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड' बनाना जरूरी है, ताकि सीमा की संपूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। शाह राजस्थान के बीकानेर जिले में सांचू सीमा चौकी पर बीएसएफ के जवानों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा, 'ड्रोन से नशीले पदार्थों और हथियारों की तस्करी रोकने के लिए कठोर उपाय करना हमारी जिम्मेदारी है। भारत सरकार अगले छह महीने में सीमा पर ड्रोन-रोधी प्रणाली लगाने का काम शुरू करेगी।' शाह ने कहा, 'लेकिन ड्रोन उतरता तो भारतीय भूमि पर है। ऐसे में उससे भेजी गई खेप कौन हासिल करता है? कौन इस खेप का इस्तेमाल देश-विरोधी कार्यों के लिए करता है? इन चीजों का पता लगाने और खतरों का प्रभावी ढंग से मुकाबला करने के लिए स्थानीय पुलिस और प्रशासन में करीबी समन्वय होना बेहद जरूरी है।' केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बीएसएफ, सेना, स्थानीय प्रशासन और जागरुक नागरिकों के बीच मजबूत तालमेल से सीमाओं पर मजबूत सुरक्षा ढांचा तैयार किया जा सकता है। उन्होंने कहा, 'यह 'चतुष्कोणीय सुरक्षा ग्रिड' नहीं बनने तक हम कभी भी सुरक्षित सीमा की कल्पना नहीं कर सकते।' शाह ने कहा कि जहां सरहद पार से पैदा होने वाले खतरों पर पैनी नजर रखना जरूरी है, वहीं देश के भीतर ऐसे खतरों में मदद करने वाले आंतरिक तत्वों पर भी उतना ही ध्यान दिया जाना चाहिए।