भोपाल (18 अगस्त 26)। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि युवा, विकसित भारत की आधारशिला है। उन्हें स्वस्थ, शिक्षित और सशक्त बनाना समय की मांग है। युवाओं को समसामयिक परिस्थितियों के अनुरूप सजग और जागरूक बनाएं। समाज और राष्ट्र हित के प्रति संकल्पित और समर्पित बनाएं। उन्होंने कहा कि शिक्षा, कमजोर वर्गों के कल्याण के लिए वरदान है। विश्वविद्यालय का ध्येय अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग की बेहतरी के लिए लगातार चिंतन और प्रयास करना है। उनके शैक्षणिक, आर्थिक कल्याण के लिए विशेष अनुसंधान एवं नवाचारों का दिशा-दर्शन करें। केंद्र और राज्य सरकार के उत्थान कार्यक्रमों को प्रभावी रूप से लागू करें।
राज्यपाल पटेल मंगलवार को डॉ. बीआर अंबेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय की शासी निकाय बैठक को संबोधित कर रहे थे। लोकभवन के सांदीपनि सभागार में आयोजित बैठक में राज्यपाल के प्रमुख सचिव डॉ. नवनीत मोहन कोठारी भी मौजूद थे। पटेल ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रबंधन ऐसी व्यवस्था बनाए कि छात्र डॉ. अंबेडकर के कृतित्व-व्यक्ति और उनके राष्ट्र निर्माण में महान योगदान से लगातार परिचित होते रहें। विद्यार्थियों को बाबा साहेब के सामाजिक न्याय और समरसता के व्यावहारिक संस्कार दें। राज्यपाल ने कहा कि डॉ. बी.आर. अंबेडकर सामाजिक विज्ञान विश्वविद्यालय, बाबा साहेब के सामाजिक न्याय और समरसता के दर्शन पर आधारित देश का प्रतिष्ठित संस्थान है। विश्वविद्यालय प्रबंधन अपने उपलब्ध संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग करें। राज्यपाल का बैठक के प्रारंभ में विश्वविद्यालय के कुलगुरू डॉ. रामदास अत्राम ने पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। उच्च शिक्षा अपर मुख्य सचिव ने शिक्षा की गुणवत्ता, नए पदों के सृजन और वित्तीय औचित्य पर जरूरी सुझाव दिए। वित्त सचिव लोकेश जाटव ने आय-व्यय और नए प्रस्तावों पर वित्तीय नियमों की जानकारी दी। बैठक में अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा अनुपम राजन, जनजातीय कार्य प्रमुख सचिव डॉ. गुलशन बामरा, राज्यपाल के उप सचिव सुनील दुबे सहित विश्वविद्यालय प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारी और शासी निकाय के सदस्य उपस्थित थे।