नईदिल्ली (08 जुलाई 25)। भारतीय रेलवे अपने यात्रियों की सुविधा के लिए समय-समय पर नए नियम बनाता रहता है। ट्रेन टिकट बुकिंग और कैंसिलेशन को लेकर भी कई नियम हैं जिनकी जानकारी अक्सर यात्रियों को नहीं होती, जिससे रिफंड को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हो जाती है। आइए जानते हैं कि ट्रेन टिकट कैंसिल करने पर कब और कितना पैसा वापस मिलता है।
टिकट कैंसिल करने के सामान्य नियम- भारतीय रेलवे के नियमों के मुताबिक टिकट कैंसिल करने का रिफंड इस बात पर निर्भर करता है कि आप ट्रेन के खुलने से कितने समय पहले टिकट कैंसिल करते हैं: ट्रेन खुलने के 48 घंटे पहले: यदि आप ट्रेन के निर्धारित प्रस्थान समय से 48 घंटे या उससे अधिक समय पहले अपना टिकट कैंसिल करते हैं, तो आपके कुल किराए का 25% कैंसिलेशन चार्ज के रूप में काटा जाएगा।
ट्रेन खुलने के 12 से 4 घंटे पहले: अगर आप ट्रेन के प्रस्थान समय से 12 घंटे से 4 घंटे पहले के बीच टिकट कैंसिल करते हैं, तो कुल किराए का 50% पैसा काट लिया जाएगा। ट्रेन छूटने के बाद: ट्रेन छूटने के बाद टिकट कैंसिल नहीं किया जा सकता है और इस स्थिति में कोई रिफंड नहीं मिलता।.
कंफर्म टिकट के अलावा, वेटिंग और RAC (Reservation Against Cancellation) टिकट के लिए भी अलग नियम हैं: कंफर्म नहीं हुआ टिकट (वेटिंग): यदि आपका टिकट कंफर्म नहीं हुआ है और आप चार्ट बनने से पहले उसे कैंसिल करते हैं, तो प्रति यात्री 60 रुपए की कटौती के बाद बाकी का पैसा वापस कर दिया जाता है।
RAC टिकट: RAC टिकट को चार्ट बनने से पहले कैंसिल करने पर भी 60 रुपए प्रति यात्री की कटौती होती है। वहीं चार्ट बनने के बाद RAC टिकट कैंसिल करने पर कोई रिफंड नहीं दिया जाता है। IRCTC की वेबसाइट के अनुसार टिकट कैंसिलेशन पर विभिन्न क्लास के लिए अलग-अलग शुल्क तय किए गए हैं: सेकंड क्लास: 60 रुपए प्रति यात्री, स्लीपर क्लास: 120 रुपएप्रति यात्री, AC 3 Tier: 180 रुपए प्रति यात्री, AC 2 Tier: 200 रुपए प्रति यात्री, फर्स्ट एसी क्लास: 240 रुपए प्रति यात्री।