इंदौर (09 सितंबर 26)। कलेक्टर कार्यालय में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई के दौरान उस समय हड़कंप मच गया, जब अपनी शिकायत लेकर पहुंचे एक युवक ने अचानक खुद पर केरोसिन डालकर आत्मदाह की कोशिश की। युवक के इस कदम से जनसुनवाई स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। हालांकि मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों और अधिकारियों ने तत्परता दिखाते हुए युवक को काबू कर लिया और उसे आग लगाने से रोक दिया। समय रहते हुई कार्रवाई से बड़ा हादसा टल गया।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक युवक की पहचान जामनिया खुर्द निवासी आकाश के रूप में सामने आई है। मामला डीजे लगे वाहन की खरीद-बिक्री और भुगतान को लेकर विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है। युवक का आरोप है कि उसने करीब 11 लाख रुपये से अधिक में डीजे वाहन का सौदा किया था। सौदे के दौरान उसने रकम का भुगतान भी किया, लेकिन बाद में वाहन को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद हो गया। बताया जा रहा है कि युवक इस मामले को लेकर पहले पुलिस थाने, पुलिस कमिश्नर कार्यालय और कलेक्टर कार्यालय में शिकायत कर चुका था। मंगलवार को वह इसी मामले को लेकर जनसुनवाई में पहुंचा था। शिकायत के दौरान अचानक उसने अपने पास रखी बोतल निकाली और खुद पर केरोसिन उड़ेल लिया। इससे वहां मौजूद अधिकारी और आवेदक सकते में आ गए।
युवक के शरीर पर केरोसिन पड़ते ही सुरक्षाकर्मियों ने उसे पकड़ लिया। उसे आग लगाने का मौका नहीं मिला। अधिकारियों ने तत्काल स्थिति संभाली और युवक को समझाया। प्रशासन की ओर से मामले में दूसरे पक्ष को भी बुलाकर उसका पक्ष सुनने तथा नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।
बोतल में लेकर पहुंचा था केरोसिन घटना का सबसे गंभीर पहलू यह है कि युवक कलेक्टर कार्यालय के भीतर केरोसिन लेकर पहुंच गया। जानकारी के अनुसार वह केरोसिन ऐसी बोतल में लेकर आया था, जो पारदर्शी नहीं थी। इसके चलते सुरक्षा जांच के दौरान यह पता नहीं चल सका कि बोतल में ज्वलनशील पदार्थ मौजूद है। युवक के अचानक केरोसिन डालने के बाद ही इसकी जानकारी सामने आई।
पूर्व कलेक्टर आशीष सिंह के कार्यकाल में कलेक्टर कार्यालय की सुरक्षा को लेकर सख्त व्यवस्था की गई थी। सभी गेटों पर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती के साथ आने वाले लोगों और उनके सामान की जांच की जाती थी। गुटका, पाउच, तंबाकू, धारदार वस्तुएं, लाइटर, ज्वलनशील पदार्थ, हथियार, केमिकल और पाउडर जैसी वस्तुओं को अंदर ले जाने पर रोक थी। पिछले कुछ महीनों में यह व्यवस्था कमजोर पड़ने की बात सामने आ रही है। मंगलवार की घटना ने सुरक्षा इंतजामों की पोल खोल दी है। सवाल यह है कि प्रतिबंधित ज्वलनशील पदार्थ लेकर युवक जनसुनवाई तक कैसे पहुंच गया। घटना के बाद अब सभी प्रवेश द्वारों पर फिर से सघन जांच व्यवस्था लागू करने और सुरक्षा में हुई चूक की जिम्मेदारी तय करने की जरूरत है।
घटना के बाद कलेक्टर शिवम वर्मा ने निर्देश पर सुरक्षाकर्मी सक्रिय और एसडीएम घनगर युवक को अपने रूम में लेकर पहुंचे, जहां उन्होंने विस्तार से युवक समस्या सुनी। उन्होंने बताया कि प्रशासन ने मामले में दूसरे पक्ष को भी कलेक्टर कार्यालय बुलाया है। एसडीएम के मुताबिक, फिलहाल एक पक्ष को सुना गया है। दोनों पक्षों की बात सुनने और पूरे मामले की पड़ताल के बाद इसका निराकरण किया जाएगा। कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा युवक की हरसंभव सहायता की जाएंगी।