नईदिल्ली (29 मई 26)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बृहस्पतिवार को कहा कि अवैध प्रवासन और अन्य असामान्य कारणों से होने वाले 'कृत्रिम' जनसांख्यिकीय परिवर्तनों पर केंद्र की उच्च स्तरीय समिति इस बात का भी आकलन करेगी कि इस मुद्दे से निपटने के लिए किसी कानून की आवश्यकता है या नहीं। उन्होंने कहा कि अगर अवैध प्रवासी अपनी मर्जी से चले जाते हैं, तो पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत सरकार उनके खिलाफ कानूनी मामले दर्ज करने से परहेज करेगी और उनके जाने में सुविधा प्रदान करेगी।
शाह ने 340 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने के बाद एक सभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि उच्चतम न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति प्रकाश प्रभाकर नाओलेकर की अध्यक्षता वाली समिति एक वर्ष के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा बुधवार को जारी अधिसूचना में जनसांख्यिकीय परिवर्तनों पर एक उच्च स्तरीय समिति (एचएलसीडीसी) के गठन के संबंध में कहा गया है कि अवैध प्रवासन के कारण जनसांख्यिकीय परिवर्तनों से 'व्यापक चुनौतियां' उत्पन्न हुई हैं। शाह ने कहा, 'उच्च स्तरीय समिति देश भर में हुए कृत्रिम जनसांख्यिकीय बदलावों के कारणों की जांच करेगी। यह आवश्यक सुधारात्मक उपायों पर विचार-विमर्श करेगी और यदि किसी विशिष्ट कानून को लागू करना आवश्यक हुआ, तो उस आवश्यकता को भी संबोधित करेगी।' उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार देश से हर घुसपैठिए की पहचान करके उसे बाहर निकालने के लिए दृढ़ता से कटिबद्ध है और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसी उद्देश्य से जनसांख्यिकीय परिवर्तन पर समिति का गठन करने का निर्णय लिया। शाह ने बांग्लादेश से घुसपैठ को लेकर पश्चिम बंगाल की पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार की आलोचना की और दावा किया कि राज्य में विधानसभा चुनावों (जिसमें भाजपा सत्ता में आई) के बाद स्थिति बदल गई है। उन्होंने कहा, 'अब भारतीय जनता पार्टी देश के 80 प्रतिशत भूभाग पर शासन करती है, और हाल में बंगाल में संपन्न हुए चुनावों में दीदी (ममता बनर्जी) को करारी हार का सामना करना पड़ा।' शाह ने कहा कि उत्तराखंड से लेकर गंगासागर तक, गंगा के पूरे प्रवाह क्षेत्र में भाजपा 'भगवा झंडा फहराने' में सफल रही। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले, भाजपा ने सत्ता में आने के कुछ ही दिन के भीतर बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने का काम शुरू करने का वादा किया था।