नईदिल्ली (20 जून 24)। मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट को फिर से आयोजित करने की विपक्ष की मांग के बीच शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बृहस्पतिवार को कहा कि गड़बड़ी की छिटपुट घटनाओं से उन लाखों विद्यार्थियों पर असर नहीं पड़ना चाहिए, जिन्होंने सही तरीके से परीक्षा पास की है।
प्रधान ने कहा कि राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के कामकाज की जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति बनाई जाएगी। यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रधान ने विपक्षी दलों से इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं करने की अपील की और कहा कि एनटीए के अधिकारियों सहित दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मंत्री ने कहा कि एनटीए की कार्यप्रणाली की समीक्षा और सुधार के लिए उच्च स्तरीय समिति का गठन जल्द ही किया जाएगा। जूनियर रिसर्च फेलो, सहायक प्रोफेसर और पीएचडी छात्रों के चयन के लिए आयोजित होने वाली यूजीसी-नेट परीक्षा रद्द किए जाने को लेकर प्रधान ने कहा कि परीक्षा का पेपर डार्कनेट पर लीक हो गया था। उन्होंने कहा, 'हमें अपनी व्यवस्था पर भरोसा रखना चाहिए और सरकार किसी भी प्रकार की अनियमितता या कदाचार को बर्दाश्त नहीं करेगी।'