श्रीनगर (24 मई 24)। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की प्रमुख महबूबा मुफ्ती अनंतनाग-राजौरी लोकसभा सीट पर 25 मई को होने वाले मतदान से पहले बृहस्पतिवार को अपने पिता मुफ्ती मोहम्मद सईद की कब्र पर पहुंचीं। लोकसभा चुनाव के प्रचार में व्यस्तता के बावजूद महबूबा मुफ्ती ने अपनी भावनाओं को व्यक्त करने के लिए समय निकाला। उन्होंने कहा, 'जब भी मैं अकेला महसूस करती हूं तो इस जगह पर आ जाती हूं और हमेशा चाहती हूं कि मेरे पिता यहां मेरे साथ हों। मैं उनकी कब्र के पास बैठती हूं जिससे मुझे ताकत मिलती है।' उनके पिता और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद का 2016 में निधन हो गया था। महबूबा 2019 में जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा निरस्त होने के बाद से राजनीतिक चुनौतियों का सामना कर रही हैं।
उन्होंने क्षेत्र के भूराजनीतिक परिदृश्य पर अपनी राय रखते हुए कहा, 'नेशनल कॉन्फ्रेंस 1931 से सभी समझौतों का हिस्सा रही है - मैं उन्हें समझौते नहीं कहूंगी बल्कि और जम्मू और कश्मीर के संबंध में निर्णय को आत्मसमर्पण कहूंगी। आज हम जिस स्थिति में हैं, जिन समस्याओं का सामना कर रहे हैं, वे सब उन्हीं के कारण हैं।' पीडीपी ने 2015 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के साथ गठबंधन में जम्मू-कश्मीर में सरकार बनाई थी। भाजपा ने 2018 में सरकार से समर्थन वापस ले लिया था। महबूबा ने पीडीपी के पिछले गठबंधनों और उपलब्धियों पर चर्चा करते हुए संवाद और समाधान की दिशा में पार्टी के प्रयासों पर प्रकाश डाला।