नईदिल्ली (04 जून 24)। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने मंगलवार को कहा कि ‘इंडिया' गठबंधन से बाहर के दलों के संपर्क करने और सरकार गठन के प्रयासों से जुड़ी कवायद के बारे में कोई भी फैसला विपक्षी ‘इंडिया' गठबंधन के घटक दल मिलकर करेंगे। उन्होंने कहा कि बुधवार को ‘इंडिया' गठबंधन की बैठक होगी, जिसमें आगे की कार्रवाई पर फैसला होगा। कांग्रेस नेता ने यह दावा भी किया कि इस लोकसभा चुनाव में देश की जनता ने साफ संदेश दिया है कि वह प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को नहीं चाहती।
राहुल गांधी ने सरकार गठन के लिए नीतीश कुमार और चंद्रबाबू नायडू जैसे नेताओं के संपर्क किए जाने से जुड़े सवाल पर कहा, ‘हम उम्मीद करते हैं कि ‘इंडिया' गठबंधन की कल बैठक होगी, उसमें इस बारे में चर्चा होगी।' उनका कहना था,‘‘यह चुनाव हमें भाजपा के साथ ही सीबीआई, ईडी, आयकर विभाग समेत हिंदुस्तान की कई संस्थाओं और आधी न्यायपालिका के खिलाफ भी लड़ना पड़ा। नरेन्द्र मोदी जी और अमित शाह जी ने संस्थाओं को डराया और धमकाया।' उन्होंने कहा कि लड़ाई संविधान को बचाने की थी और संविधान बचाने में गरीबों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
राहुल गांधी ने कहा, ‘देश ने साफ कह दिया है कि हम नरेन्द्र मोदी और अमित शाह को नहीं चाहते। जनता नहीं चाहती कि जिस तरह से पिछले 10 वर्षों में देश को चलाया गया है, वैसे चलाया जाए।' कांग्रेस नेता ने कहा, ‘यह चुनाव इंडिया गठबंधन और कांग्रेस पार्टी ने सिर्फ एक राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं लड़ा। यह चुनाव हमने भाजपा, ईडी, सीबीआई जैसी संस्थानों के खिलाफ लड़ा है, क्योंकि इन सभी संस्थानों को नरेन्द्र मोदी और अमित शाह ने डराया-धमकाया है।'
राहुल गांधी का कहना था, ‘ये लड़ाई संविधान को बचाने की थी। जब मोदी सरकार ने हमारे बैंक खाते फ्रीज किए, मुख्यमंत्रियों को जेल में डाला, पार्टियां तोड़ी तो मेरे दिमाग में था कि हिंदुस्तान की जनता अपने संविधान के लिए एकजुट होकर लड़ जाएगी। ये बात सच साबित हुई।' कांग्रेस नेता ने कहा, ‘मैं हिंदुस्तान की जनता, ‘इंडिया' गठबंधन के साथियों, कांग्रेस के नेताओं और बब्बर शेर कार्यकर्ताओं का दिल से धन्यवाद करना चाहता हूं। आपने संविधान को बचाने का सबसे बड़ा और जरूरी कदम उठाया।'