Saturday, 03 Oct 2026

चीनी विशेषज्ञ ने अमेरिका का दावा किया खारिज

बीजिंग (23 जून 25)। चीन की आधिकारिक मीडिया ने रविवार को ईरान के परमाणु स्थलों पर अमेरिकी बमबारी की आलोचना करते हुए इसे रसातल की ओर उठाया गया एक और कदम बताया। वहीं, चीनी विशेषज्ञों ने कहा कि हमलों में इस्तेमाल किये गए अमेरिकी ‘बंकर-बस्टर' बम ईरान के भूमिगत परमाणु संयंत्रों को नष्ट करने के लिए पर्याप्त नहीं हो सकते हैं। अमेरिका ने रविवार की सुबह ईरान के फोर्दो, इस्फहान और नतांज परमाणु स्थलों पर हमला कर देश के परमाणु प्रतिष्ठानों को नष्ट कर दिया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना ने तीन परमाणु स्थलों पर ‘बहुत सफल' हमला किया है।

चीन ने युद्ध को रोकने के लिए शनिवार को ईरान और इजराइल के बीच युद्ध विराम की अपील की थी। हालांकि, उसने अबतक अमेरिकी हवाई हमलों पर आधिकारिक रूप से प्रतिक्रिया नहीं दी है। वहीं, सरकारी अखबार ‘चाइना डेली' के संपादकीय में कहा गया है कि ईरानी परमाणु प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर अमेरिका द्वारा किया गया एकतरफा सैन्य हमला एक लापरवाही भरा कदम है तथा यह अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन है। इसमें कहा गया है कि इस तरह की एकतरफा नीति नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को कमजोर करती है तथा एक खतरनाक मिसाल कायम करती है। चीन के विशेषज्ञों ने कहा कि अमेरिकी अभियान की वास्तविक प्रभावशीलता अब भी स्पष्ट नहीं है और हो सकता है कि ये हमले ईरान के भूमिगत परमाणु प्रतिष्ठानों को पूरी तरह नष्ट करने के लिए पर्याप्त न हों। ग्लोबल टाइम्स ने चाइना इंस्टीट्यूट ऑफ इंटरनेशनल स्टडीज के सहायक अनुसंधानकर्ता ली जिक्सिन के हवाले से लिखा कि फोर्दो का परमाणु संयंत्र लगभग 100 मीटर की गहराई में स्थित है, जिससे इसे एक या दो हमलों से पूरी तरह नष्ट करना बहुत कठिन है, यहां तक ​​कि बंकर-बस्टर बमों का उपयोग करके भी ऐसा नहीं किया जा सकता। सैन्य मामलों के विशेषज्ञ झांग जुनशे ने भी इसी तरह की राय व्यक्त की।

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