Monday, 12 Oct 2026

चिरकाल तक प्रेरणा देते रहेंगे शहीद पुलिस जवान: मुख्‍यमंत्री

भोपाल (21 अक्टूबर 25)। मुख्‍यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वीर पुलिस जवानों की शहादत को नमन करते हुए कहा कि यह दिवस प्रत्येक वर्दीधारी के लिए प्रेरणा का पुंज है। मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1959 की वह ठंडी सुबह आज भी हमारे मन में गहराई से अंकित है। लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में हमारे 10 वीर पुलिस जवानों ने देश की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहुति दी थी। उनके बलिदान के उपरांत ही भारत में पुलिस स्मृति दिवस मनाने की परंपरा प्रारंभ हुई। हमारे वीर जवानों ने वर्ष 1959 में जिस अदम्य साहस के साथ चीन की हरकतों का सामना किया, वह 10 हजार जवानों के साहस के बराबर था। 'हमारे लिए यह दिवस एक पर्व की तरह है, क्योंकि अपने कर्तव्य की बेदी पर प्राणों का उत्सर्ग, हमारे जवानों का सौभाग्य और हमारे लिए प्रेरणा है।” जो अपने कर्तव्य की वेदी पर प्राणों की आहुति देता है, वह वास्तव में अमर है।' यह शहादत हमें समर्पित भाव से ड्यूटी की प्रेरणा देती है और सरकार के दृष्टिकोण से यह गर्व का विषय है कि हमारे जवान कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण से सदैव अपने साथियों को प्रेरणा देते रहे हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को पुलिस स्मृति दिवस परेड 2025 के अवसर पर लाल परेड ग्राउंड शहीद स्मारक प्रांगण में आयोजित कार्यक्रम का संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए कहा कि उनके त्याग और बलिदान ने हमारी शांति और सुरक्षा सुनिश्चित की है। वीरता, कर्तव्यनिष्ठा और सेवा भावना से वे सदैव हमारी स्मृतियों में रहेंगे। उन्होंने बाबा महाकाल से प्रदेश की समृद्धि और सुरक्षा की कामना करते हुए पुलिसकर्मियों से अपने कर्तव्य पथ पर समपर्ण और निष्ठा के भाव से निरंतर अग्रसर रहने का आहवान किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश को शांति का टापू कहा जाता है। इसका श्रेय प्रदेश पुलिस की सतर्कता, अनुशासन और समर्पण को जाता है। हमारे पुलिस कर्मी प्रदेश में नक्सलवाद, माफिया, साइबर अपराध के नियंत्रण और महिला सुरक्षा, तकनीकी नवाचार तथा जन-जागरूकता अभियानों में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। यह गर्व का विषय है कि पुलिस के कारण ही अपराधियों के हौसले पस्त हैं और हम सुशासन की ओर अग्रसर हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जीरो टॉलरेंस की नीति का उल्लेख करते हुए कहा कि बीते वर्ष डेढ़ करोड़ के इनामी 10 नक्सलवादियों का खातमा, जयपुर सीरियल ब्लास्ट के आरोपियों की गिरफ्तारी और आतंकवादियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई पुलिस के पराक्रम के उत्कृष्ट उदाहरण हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में वर्ष 2026 तक नक्सलवाद उन्मूलन के लक्ष्य को पुलिस की क्षमता-योग्यता के आधार पर ही प्राप्त करेंगे।

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