सीहोर (30 अक्टूबर 25)। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि किसान को खेती की जैविक पद्धतियों, प्राकृतिक संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग के लिए प्रेरित करें। कृषि की आधुनिक तकनीक और नई शोध पद्धतियों को अपनाकर उत्पादन की क्वालिटी और क्वांटिटी बढ़ाने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि यह सुखद है कि अब समाज में लोगों का रूझान जैविक उत्पादों की ओर बढ़ रहा है। राज्यपाल पटेल गुरूवार को रफी अहमद किदवई कृषि महाविद्यालय, सीहोर के कन्या छात्रावास एवं ऐरोपोनिक्स इकाई के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। इस अवसर पर प्रदेश के कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना भी मौजूद थे।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि प्राकृतिक खेती, भूमि एवं पर्यावरण हितैषी कृषि पद्धति है, जो भूमि की ऊर्वरता बनाए रखती है। इसके लिए समय-समय पर वर्मी कंपोस्ट का उपयोग भी किया जाना चाहिए। उन्होंने कृषि वैज्ञानिकों से कहा कि वे किसानों की आय बढ़ाने वाली उन्नत बीजों और नई तकनीकों पर अनुसंधान करें। राज्यपाल पटेल ने महाविद्यालय के विद्यार्थियों को शोध और नवाचार की भावना के साथ मेहनत से कार्य करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा, अनुसंधान और पर्यावरण संरक्षण का संयोजन ही राष्ट्र के भविष्य को बेहतर दिशा प्रदान कर सकता है। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि स्वस्थ जीवन के लिए उत्तम आहार और संतुलित जीवनशैली अपनाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे जंक फूड का उपयोग नहीं करें। भोजन में स्वास्थ्य वर्धक एवं पोषक तत्वों से भरपूर आहार को प्राथमिकता दें। राज्यपाल पटेल ने कहा कि कुपोषण एवं अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के निदान के लिए मशरूम जैसी पौष्टिक फसलों को आम घरों तक पहुँचाने की आवश्यकता है। मशरूम पोषण का उत्तम स्रोत होने के साथ ही किसानों की आय बढ़ाने का महत्वपूर्ण साधन भी बन सकता है। कार्यक्रम में कुलगुरू अरविन्द कुमार शुक्ला ने कृषि महाविद्यालय तथा राजमाता विजयराजे सिंधिया कृषि विश्वविद्यालय की गतिविधियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इस कृषि वैज्ञानिक, विद्यार्थी, अधिकारी तथा किसान उपस्थित थे।