Thursday, 01 Oct 2026

केंद्र सरकार ने फोन इंटरसेप्शन के लिए नए नियम बनाए

नईदिल्ली (09 दिसंबर 24)। केंद्र सरकार ने फोन इंटरसेप्शन के नए नियम बनाए हैं। किसी व्यक्ति के मेसेजेस की इंटरेसप्शन यानी निगरानी अधिकतम 6 महीने तक की जा सकेगी। इंटरसेप्शन के आदेश गृह सचिव, राज्य के मुख्य सचिव, या बेहद जरूरी सिचुएशन में संयुक्त सचिव भी दे सकते हैं। इसके लिए केंद्र सरकार ने 'टेलिकम्युनिकेशंस (प्रोसिजर्स एंड सेफगार्ड्स फॉर लॉफुल इंटरसेप्शन ऑफ मेसेजेस) रूल्स 2024' को नोटिफाई कर दिया है। दूरदराज इलाकों में राज्य के इंस्पेक्टर जनरल (IG) भी इंटरसेप्शन के आदेश दे सकते हैं, लेकिन इन्हें तीन कार्य दिवसों में सक्षम अधिकारी को भेजना होगा। अगर सात दिन के अंदर आदेश की पुष्टि नहीं होती, तो इंटरसेप्शन बंद कर दिया जाएगा और डेटा का इस्तेमाल नहीं होगा। उसका इस्तेमाल कोर्ट ऑफ लॉ में भी नहीं होगा। साथ ही इंटरसेप्ट मेसेज को दो दिन के अंदर नष्ट करना होगा। डेटा नष्ट किया गया है, यह लिखित में सक्षम अधिकारी को बताना होगा। इंटरसेप्शन आदेशों के संचार की सुविधा के लिए हर एक एजेंसी को दो नोडल अधिकारी नियुक्त करने होंगे। नोटिफिकेशन के मुताबिक इंटरसेप्शन से जुड़े रिकॉर्ड्स में पूरी गोपनीयता बरती जाएगी और उन्हें सुरक्षित तरीके से नष्ट भी किया जाएगा। पूरे प्रोसेस की देखभाल के लिए रिव्यू कमिटी बनाई जाएगी। अध्यक्षता कैबिनेट सचिव करेंगे और जिसमें कानूनी मामलों के सचिव और दूरसंचार सचिव शामिल होंगे। वहीं राज्य सरकारों को भी मुख्य सचिव की अगुवाई में कानूनी और प्रशासनिक विभागों के सीनियर अफसरों को शामिल करते हुए इस तरह की कमिटी बनाने का अधिकार है।


Tags:

Follow us

This question is not available..!