Monday, 28 Sep 2026

केंद्र ने लागू की 'एक अधिकारी, एक सरकारी गाड़ी' नीति

नईदिल्ली (29 जुलाई 26)। केंद्र सरकार ने सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग को रोकने और अनावश्यक खर्चों पर लगाम लगाने के लिए प्रशासनिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया है। केंद्र सरकार के Department of Expenditure विभाग द्वारा जारी एक ज्ञापन में कहा गया है कि 'एक अधिकारी, एक सरकारी गाड़ी' (One Officer, One Official Car) की पॉलिसी लागू कर दी है।

इस नीति के अनुसार अगर कोई अधिकारी अपने मूल पद के साथ किसी अन्य मंत्रालय, विभाग, PSU या Autonomous Body का अतिरिक्त इंचार्ज संभाल रहा  है तो उसे दूसरी सरकारी गाड़ी नहीं दी जाएगी। वहीं सामान्य परिस्थिति में केंद्रीय अधिकारी PSUs या अर्ध-सरकारी संगठनों के वाहनों का उपयोग भी नहीं कर सकेंगे। हालांकि, किसी आधिकारिक दौरे या बैठक के दौरान संबंधित परिसर में वाहन का उपयोग करने की छूट रहेगी। इसके अलावा जो गाड़ियां उपयोग नहीं हो रहीं उन्हें सेफली पार्क करने और अनधिकृत इस्तेमाल को रोकने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। वित्त मंत्रालय के अनुसार, यह नया आदेश सितंबर 2022 में जारी दिशा-निर्देशों को अधिक सख्ती से लागू करने के उद्देश्य से लाया गया है। इसे सभी केंद्रीय मंत्रालयों और विभागों को भेज दिया गया है ताकि पूरी केंद्र सरकार में एक समान प्रशासनिक व्यवस्था बनी रहे।

इस व्यवस्था का मुख्य लक्ष्य ईंधन और गाड़ियों की Maintenance पर होने वाले भारी-भरकम वित्तीय खर्चे को कम करना है। सरकार का मानना है कि इससे वाहनों के गैर-ज़रूरी दोहराव पर रोक लगेगी, पब्लिक फंड का का सोच- समझकर इस्तेमाल होगा और प्रशासनिक पारदर्शिता व जवाबदेही को बढ़ावा मिलेगा।

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