नईदिल्ली (26 अगस्त 24)। गरीबी से अमीरी तक का सफर कठिन होता है, लेकिन ऐसी कहानियां हमें दिखाती हैं कि कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प से कुछ भी संभव है। ऐसी ही एक प्रेरणादायक कहानी है IAS तपस्या परिहार की, जिन्होंने बिना कोचिंग के UPSC सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया 23वीं रैंक हासिल की। तपस्या परिहार का जन्म एक साधारण किसान परिवार में हुआ। उनके पिता विश्वास परिहार किसान हैं और उनके चाचा विनायक परिहार सामाजिक कार्यकर्ता हैं। तपस्या की दादी, देवकुंवर परिहार, नरसिंहपुर जिला पंचायत की अध्यक्ष रह चुकी हैं। परिवार का पूरा समर्थन और प्रोत्साहन उनके UPSC के सपने को साकार करने में अहम भूमिका निभाया।
तपस्या ने अपनी शुरुआती पढ़ाई केंद्रीय विद्यालय से की और पुणे के इंडियन लॉ सोसाइटी के लॉ कॉलेज से कानून में स्नातक की डिग्री हासिल की। इसके बाद, वह UPSC की तैयारी के लिए दिल्ली चली आईं। उन्होंने पहले प्रयास में कोचिंग ली, लेकिन प्रीलिम्स परीक्षा भी पास नहीं कर सकीं। तपस्या ने हार नहीं मानी और दूसरे प्रयास में बिना कोचिंग के ही तैयारी की। उनकी मेहनत रंग लाई और 2017 में उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया 23वीं रैंक हासिल की। IAS बनने के बाद तपस्या परिहार ने IFS अधिकारी गर्वित गंगवार से शादी की, जो पहले तमिलनाडु कैडर में तैनात थे। शादी के बाद, गर्वित को मध्य प्रदेश कैडर में ट्रांस्फर कर दिया गया ताकि वे अपनी पत्नी के साथ रह सकें।