Monday, 28 Sep 2026

कारीगरों को प्रशिक्षण देकर इनके उत्पादों की करेंगे मार्केटिंग: जायसवाल

भोपाल (18 जुलाई 24)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना प्रारंभ की गई। इस योजना में अपने हाथों और औजारों से काम करने वाले कारीगरों एवं शिल्पकारों को हर प्रकार की सहायता दी जाएगी। इस योजना में 18 प्रकार के परंपरागत व्यवसायों जैसे बढ़ई, नाव निर्माता, कवच निर्माता, लोहार, हथौड़ा और टूल किट निर्माता, ताला बनाने वाले, सुनार, कुम्हार, मूर्तिकार (मूर्तिकार व पत्थर तराशने वाले), पत्थर तोड़ने वाले, मोची (चर्मकार)/जूते बनाने वाले, राज-मिस्त्री, टोकरी/चटाई/झाड़ू निर्माता/कॉयर बुनकर, गुड़िया और खिलौने निर्माता (पारम्परिक), नाई, माला निर्माता, धोबी, दर्जी और मछली पकड़ने के जाल बनाने वाले कारीगरों को शामिल किया गया है।

इस योजना में पीएम विश्वकर्मा प्रमाण-पत्र एवं आईडी कार्ड के जरिये कारीगरों और शिल्पकारों का पात्रता पंजीयन किया जाएगा। इन पात्र कारीगरों को 5 से 7 दिनों का बुनियादी प्रशिक्षण और 15 दिन या इससे अधिक दिन का उन्नत प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही प्रशिक्षण के दौरान 500 रूपये प्रतिदिन की दर से शिष्यवृत्ति (Styfund) भी दी जाएगी। इसके अलावा बुनियादी कौशल प्रशिक्षण की शुरूआत में ई-वाऊचर के रूप में 15 हजार रूपये तक का टूलकिट प्रोत्साहन भी दिया जाएगा। योजना में कारीगरों एवं शिल्पकारों को व्यवसाय/दुकान/आऊटलेट स्थापित करने के लिये बैंक लिंकेज व पात्रतानुसार लोन लिंकेज भी दिया जाएगा। प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना में कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग 18 प्रकार के परम्परागत कामों में लगे कारीगरों एवं शिल्पकारों को विधिवत प्रशिक्षण देगा और इनके उत्पादों को बाजार तक पहुँचाने के लिये मार्केटिंग की जिम्मेदारी भी निभायेगी।

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