नईदिल्ली (15 मई 24)। अगला भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन इस साल के अंत में ओस्लो में होने की उम्मीद है। इसमें विभिन्न क्षेत्रों में दो-तरफा सहयोग को और विस्तारित करने के तरीकों पर चर्चा की जाएगी। यह मुद्दा मंगलवार को दिल्ली में आयोजित 11वें भारत-नॉर्वे विदेश कार्यालय परामर्श (एफओसी) में उठा। बैठक में दोनों पक्षों ने समुद्री अर्थव्यवस्था, नवीकरणीय ऊर्जा, जलवायु और पर्यावरण, हरित हाइड्रोजन, मत्स्य पालन, जल-प्रबंधन और आर्कटिक क्षेत्र में द्विपक्षीय संबंधों के विस्तार एवं विविधता लाने के तरीकों पर चर्चा की।
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा, 'दोनों पक्षों ने अगले भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन के बारे में भी प्रारंभिक चर्चा की, जो इस साल के अंत में ओस्लो में आयोजित होने की उम्मीद है।' इसने कहा कि दोनों पक्षों ने संयुक्त राष्ट्र सुधारों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया, खासकर 'भविष्य के शिखर सम्मेलन' के संदर्भ में। मंत्रालय ने कहा, ‘आपसी हित के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचारों का अच्छा आदान-प्रदान हुआ।' वार्ता में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व विदेश मंत्रालय में सचिव (पश्चिमी) पवन कपूर ने किया। वहीं, नॉर्वे के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व वहां के विदेश मंत्रालय के सेक्रेटरी जनरल टोर्गेइर लार्सन ने किया।