नोएडा (13 जून 25)। 12 जून को अहमदाबाद में हुए Air India Flight AI-171 के भीषण हादसे के बाद जांच शुरू हो चुकी है। इस बीच, उत्तर प्रदेश के नोएडा में रहने वाले पूर्व पायलट एहसान खालिद ने हादसे पर अपनी विशेषज्ञ राय दी है। उन्होंने साफ कहा है कि इस समय कोई भी नतीजा निकालना जल्दबाज़ी होगी, लेकिन कुछ संकेतों से कुछ संभावनाओं की ओर इशारा जरूर होता है।
'ब्लैक बॉक्स (Flight Data Recorder), Cockpit Voice Recorder और ACARS डेटा ही बताएगा कि वास्तव में क्या हुआ। अभी जो वीडियो सामने आए हैं, उनसे साफ है कि विमान हवा में उड़ रहा था जब वह नीचे गिरा। इसका मतलब है कि हवा में कोई विस्फोट नहीं हुआ था।' 'वीडियो में साफ दिखता है कि विमान ने ऊंचाई नहीं पकड़ी और उसमें पावर की कमी नजर आई। इंजन में खराबी इसकी वजह हो सकती है। लेकिन एक साथ दोनों इंजनों का फेल हो जाना बेहद दुर्लभ है। बर्ड हिट की स्थिति में भी दोनों इंजनों का एक साथ बंद हो जाना बहुत कम होता है, खासकर टेकऑफ के एक मिनट के अंदर।' पायलट ने ‘Mayday’ कॉल दी थी, इसका मतलब है कि कॉकपिट में ही कुछ गड़बड़ी देखी गई थी। इसके बावजूद पायलट ने उड़ान भरी और स्थिति को संभालने की कोशिश की।'
लैंडिंग गियर क्यों नहीं ऊपर गया? 'एक बहुत बड़ा सवाल ये है कि लैंडिंग गियर टेकऑफ के बाद भी नीचे ही क्यों था? टेकऑफ के कुछ सेकंड बाद ही आमतौर पर लैंडिंग गियर ऊपर खींच लिया जाता है। अगर गियर नीचे था, तो हो सकता है कि इंजन में पावर लॉस पहले ही महसूस कर लिया गया था और पायलट ने सुरक्षा के लिहाज से गियर ऊपर न किया हो।' 'हादसे के वक्त विमान करीब 600 फीट की ऊंचाई पर था। एक या एक से ज्यादा समस्याएं हो सकती हैं, लेकिन जब तक जांच पूरी नहीं होती, तब तक कुछ भी कहना जल्दबाज़ी होगी।' DGCA (नागरिक उड्डयन महानिदेशालय) ने हादसे की उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी है। FDR (Flight Data Recorder) और CVR (Cockpit Voice Recorder) खोज लिए गए हैं और इन्हें डिकोड किया जा रहा है। बोइंग कंपनी, एयर इंडिया, और अंतरराष्ट्रीय एविएशन विशेषज्ञ जांच में सहयोग कर रहे हैं।