लखनऊ (01 अगस्त 24)। उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार को बड़ा झटका लगा है। बहुमत होने के बावजूद नजूल संपत्ति बिल विधान परिषद में गिर गया। जानकारी के मुताबिक, बिल को प्रवर समिति के पास भेजा जाएगा। इससे पहले विधानसभा में उत्तर प्रदेश नजूल संपत्ति बिल 2024 भारी विरोध के बीच पास हुआ था। बता दें कि विधान परिषद में बीजेपी के 78 एमएलसी हैं। जबकि समाजवादी पार्टी के 10 एमएलसी हैं, 1-1 एमएलसी राष्ट्रीय लोकदल, सुभासपा और अपना दल सोनेलाल के हैं। विधान परिषद में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य नेता सदन हैं। इसके बावजूद यह बिल विधान परिषद में अटक गया। सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी के ज्यादातर एमएलसी ने इस बिल का विरोध किया और प्रवर समिति को भेजने की अपील की।
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार अब नजूल की जमीन किसी को पट्टे पर नहीं देगी। इसके अलावा पट्टे की अवधि समाप्त होने के बाद पट्टेदार को बेदखल कर दिया जाएगा और नजूल की जमीन वापस ले ली जाएगी। इस संबंध में उत्तर प्रदेश नजूल संपत्ति (सार्वजनिक प्रयोजनों के लिए प्रबंधन एवं उपयोग) विधेयक-2024 विधानसभा में पेश किया था। इस विधेयक का भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 2 विधायकों और सीएम योगी के समर्थक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने विरोध किया, इसके अलावा समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायकों ने वेल में आकर इस विधेयक का विरोध किया और इसे जनविरोधी बताया।
सभी विरोधों को दरकिनार करते हुए योगी सरकार ने अपने बहुमत के बल पर विधानसभा में इस विधेयक को पारित करा लिया। उत्तर प्रदेश नजूल संपत्ति (सार्वजनिक प्रयोजनों के लिए प्रबंधन एवं उपयोग) विधेयक-2024 सोमवार को सदन में पेश किया गया था। इसके बाद से ही सदन के मानसून सत्र में इस विधेयक को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच बहस चल रही थी।