नर्मदापुरम (08 दिसंबर 24)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि अगले 5 साल में राज्य सरकार का बजट दोगुना करने के लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ हमारी व्यवस्थाओं के बलबूते पर आईटी, टूरिज्म, खनन, उर्जा सहित सभी सेक्टर में गतिविधियों के विस्तार की हर संभव कोशिश होगी। कृषकों को विद्युत के लिए आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से सोलर पंप लगाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। प्रदेश में 52 निजी विश्वविद्यालय संचालित हैं। इस प्रकार सभी क्षेत्रों को समन्वित प्रयास से हमारा लक्ष्य है कि मध्यप्रदेश देश का श्रेष्ठतम राज्य बने और देश-दुनिया से निवेशक तथा उद्योग समूह हमारे प्रदेश में आकर अपनी गतिविधियों को विस्तार दे। इससे प्रदेश के विकास को और अधिक गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि नर्मदापुरम में उद्योग व्यापार तथा निवेश गतिविधियों को प्रोत्साहन के लिए नर्मदापुरम में मप्र औद्योगिक विकास निगम का सर्व-सुविधायुक्त कार्यालय का आरंभ किया जाएगा। रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव प्रदेश में कार्य संस्कृती बदलने का प्रयास है। यह कॉन्क्लेव प्रदेश के औद्योगिक विकास के लिए राज्य शासन की प्रतिबद्धता की अभिव्यक्ति है। हम प्रदेश के संतुलित और सामान्य विकास के लक्ष्य को लेकर चल रहे है़। इसी उद्देश्य से प्रदेश में संभाग स्तर पर इंडस्ट्रीयल कॉन्क्लेव का क्रम आरंभ किया गया। औद्योगिक विकास के इन क्षेत्रीय समागमों में मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव सहित राज्य शासन के प्रमुख अधिकारियों की सहभागिता हमारी प्रतिबद्धता, पारदर्शिता और जो कहा उसे तय समय-सीमा में कर दिखाने की भावना का परिचायक है। क्षेत्रीय कॉन्क्लेव के माध्यम से औद्योगिक विकास की प्रक्रिया में प्रदेश के जन-जन को शामिल किया जा रहा है। उद्योग समूह और निवेशक भारत तथा मध्यप्रदेश की विकास यात्रा में सहभागी होनें के लिए आमंत्रित हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव 'नए क्षितिज-नई संभावनाएं' थीम पर आयोजित नर्मदापुरम में 6वें रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के शुभारंभ सत्र को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कॉन्क्लेव का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश के संतुलित और समान विकास के लिए आरंभ हुए रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव के क्रम में नर्मदापुरम में आयोजित 6वीं इंडस्ट्री कॉन्क्लेव, प्रमुख रूप से कृषि, डेयरी, खाद्य प्रसंस्करण, पर्यटन, नवीकरणीय ऊर्जा, वस्त्र और परिधान क्षेत्र पर केंद्रित है। कॉन्क्लेव में कनाडा, वियतनाम, नीदरलैंड, मेक्सिको और मलेशिया के प्रतिनिधियों सहित 75 प्रमुख निवेशक और 3000 से अधिक एमएसएमई प्रतिभागियों ने भाग लिया।