Wednesday, 30 Sep 2026

आयुर्वेद को आगे बढ़ाना, भारतीय संस्कृति का प्रचार: राज्यपाल

भोपाल (19 अक्टूबर 24)। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि आयुर्वेद, भारतीय संस्कृति का अभिन्न अंग है। आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति को आगे बढ़ाना, हमारी संस्कृति का प्रचार है। हमारा सौभाग्य है कि प्रदेश में आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों का भरपूर भंडार है। प्रदेश के जनजातीय भाई-बहनों के पास प्राकृतिक जड़ी-बूटियों और औषधीय पेड़-पौधों के ज्ञान का खजाना मौजूद हैं। उन्होंने सभी से आव्हान किया कि आयुर्वेद के फायदों के बारे में आमजनों को जागरूक करें। राज्यपाल श्री पटेल पं. उद्धवदास मेहता स्मृति न्यास द्वारा आयोजित शीर्ष आयुर्वेद चिकित्सकों का सम्मान और अखिल भारतीय आयुर्वेद पीजी निबंध प्रतियोगिता के पुरस्कार समारोह को संबोधित कर रहे थे।

सम्मान समारोह का आयोजन विश्व आयुर्वेद परिषद के सहयोग से मानस भवन भोपाल में किया गया। इस अवसर पर राज्यपाल पटेल ने आयुर्वेद चिकित्सकों का सम्मान किया और निबंध प्रतियोगिता के विजेताओं को पुरस्कृत किया। उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी। न्यास की स्मारिका का लोकार्पण भी किया। राज्यपाल पटेल ने कहा कि आयुर्वेद आरोग्य का विज्ञान है। यह मानव के सम्पूर्ण स्वास्थ्य, खान-पान और आचार-विचार पर केन्द्रित है। यह रोगों के इलाज के साथ ही स्वस्थ जीवन शैली पर भी फोकस करता है। राज्यपाल  पटेल ने कहा कि आयुष के क्षेत्र में हर्बल मेडिसिन, आयुर्वेद और योग टूरिज्म की असीम संभावनाओं को अवसर में बदलने विशेष प्रयास किए जाए। उन्होंने बच्चों को समझाईश भी दी कि फास्ट फूड्स और कोल्ड ड्रिन्क्स का सेवन नहीं करे। नियमित योग और कसरत करें। पौष्टिक आहार का सेवन करे। प्रो. गोविन्दसहाय शुक्ल ने समारोह की रूपरेखा और प्रतिभागियों की जानकारी दी। आभार समारोह के प्रायोजक झन्डु ईमामी के डॉ. आदित्य ने किया। 

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