नईदिल्ली (29 जून 24)। सांख्यिकी और आर्थिक नियोजन के क्षेत्र में प्रोफेसर (दिवंगत) प्रशांत चंद्र महालनोबिस के उल्लेखनीय योगदान के सम्मान में, भारत सरकार ने प्रत्येक वर्ष 29 जून को उनकी जयंती के अवसर पर इसे राष्ट्रीय स्तर पर मनाए जाने वाले विशेष दिवसों की श्रेणी में रखते हुए 'सांख्यिकी दिवस' के रूप में नामित किया है। सांख्यिकी दिवस मनाने का मुख्य उद्देश्य देश के विकास के लिए सामाजिक-आर्थिक नियोजन और नीति निर्माण में सांख्यिकी की भूमिका और महत्व के संदर्भ में विशेष रूप से युवा पीढ़ी के बीच जन जागरूकता जगाना है।
2007 से, हर वर्ष समकालीन राष्ट्रीय महत्व के विषय के साथ सांख्यिकी दिवस का आयोजन किया जाता है। इस बार के सांख्यिकी दिवस, 2024 का विषय 'निर्णय लेने के लिए डेटा का उपयोग' है। डेटा संचालित निर्णय लेने की अवधारणा किसी भी क्षेत्र में सूचित निर्णय लेने के लिए महत्वपूर्ण है और यह आधिकारिक सांख्यिकी से निकलने वाली सांख्यिकीय जानकारी की बेहतर समझ और साक्ष्य-आधारित निर्णय लेने की सुविधा के लिए पूर्व-आवश्यकताओं में से एक है। सांख्यिकी दिवस, 2024 का मुख्य कार्यक्रम का आयोजन दिल्ली कैंट के मानेकशॉ सेंटर और नई दिल्ली में किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि 16वें वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरविंद पनगढ़िया हैं। राष्ट्रीय सांख्यिकी आयोग (एनएससी) के अध्यक्ष प्रो. राजीव लक्ष्मण करंदीकर और सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के सचिव डॉ. सौरभ गर्ग भी कार्यक्रम में प्रतिभागियों को संबोधित करेंगे।