नईदिल्ली (08 जुलाई 26)। खरीफ सीजन के बीच अल नीनो के संभावित खतरे को देखते हुए केंद्र सरकार पूरी तरह सक्रिय हो गई है। प्रधानमंत्री के प्रमुख सचिव डॉ. पी के मिश्रा की अध्यक्षता में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई, जिसमें अल नीनो के कृषि, अर्थव्यवस्था और आम जनता पर पड़ने वाले असर को कम करने के लिए ठोस रणनीति तैयार की गई है। इस बैठक में कृषि, स्वास्थ्य, बिजली और मौसम विभाग समेत 15 से अधिक मंत्रालयों के शीर्ष अधिकारी शामिल हुए।
सरकार ने देश के सबसे संवेदनशील 262 जिलों की पहचान की है, जिनके लिए एक विशेष आकस्मिक योजना तैयार की गई है। कृषि मंत्रालय इन जिलों में बारिश की स्थिति, फसलों के पैटर्न, जलाशयों के जलस्तर और बीज-खाद की उपलब्धता की हर हफ्ते समीक्षा करेगा। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि अल नीनो का मतलब यह नहीं है कि पूरे देश में सूखा पड़ेगा, लेकिन सावधानी के तौर पर यह मास्टर प्लान लागू किया गया है। बैठक में किसानों को आर्थिक सुरक्षा देने के लिए ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना’ (PMFBY) और ‘किसान क्रेडिट कार्ड’ (KCC) का दायरा तुरंत बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही, पशुपालन विभाग को स्पष्ट आदेश दिए गए हैं कि वे देशभर में चारे की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करें ताकि डेयरी क्षेत्र पर कोई आंच न आए। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि जिन इलाकों में अल नीनो का असर ज्यादा होगा, वहां पीने के साफ पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करना और जलाशयों के पानी का समझदारी से इस्तेमाल करना केंद्र की सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।