जम्मू (27 जून 24)। अमरनाथ यात्रा करने के इच्छुक श्रद्धालुओं का ऑफलाइन पंजीकरण करने के लिए टोकन वितरण की सुविधा बुधवार से शुरू हो गयी। अधिकारियों ने बताया कि इस सप्ताह के अंत में शुरू हो रही वार्षिक तीर्थयात्रा से पहले जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों की सुरक्षित आवाजाही का पूर्वाभ्यास सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया।
अमरनाथ स्थित गुफा मंदिर में शिवलिंग के दर्शन के लिए 52 दिवसीय इस तीर्थयात्रा की शुरुआत 29 जून से होगी। समुद्रतल से 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित इस गुफा तक पहुंचने के लिए दो मार्गों से यात्रा की जाती है। पहला रास्ता अनंतनाग में 48 किलोमीटर लंबा पारंपरिक नुनवान-पहलगाम मार्ग है जबकि दूसरा रास्ता गंदेरबल में 14 किलोमीटर लंबा बालटाल मार्ग है। यह मार्ग छोटा है लेकिन इसमें खड़ी चढ़ाई है।
तीर्थयात्रियों का पहला जत्था 28 जून को जम्मू के भगवती नगर आधार शिविर से घाटी के लिए रवाना होगा। पिछले साल 4.5 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने गुफा मंदिर के अंदर बाबा बर्फानी के दर्शन किए थे। जम्मू-कश्मीर के बाहर से आने वाले सैकड़ों तीर्थयात्रियों ने जम्मू में ऑफलाइन अमरनाथ पंजीकरण के लिए अपने टोकन प्राप्त करने के लिए घंटों इंतजार किया। जम्मू में शुक्रवार को तीन काउंटरों पर ऑफलाइन पंजीकरण शुरू होगा। अधिकारियों ने बताया कि जम्मू रेलवे स्टेशन के निकट सरस्वती धाम में टोकन वितरण केंद्र जिला प्रशासन द्वारा उन तीर्थयात्रियों के लिए स्थापित किया गया है, जो ऑफलाइन मोड में यात्रा के लिए पंजीकरण कराना चाहते हैं।
सब डिविजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) मनु हंसा ने बताया, 'कल (बृहस्पतिवार) से जम्मू के तीन पंजीकरण केंद्रों वैष्णवी धाम, पंचायत भवन और महाजन हॉल में ऑफलाइन पंजीकरण की सुविधा शुरू हो जाएगी। पंजीकरण केंद्रों पर केवल उन तीर्थयात्रियों को ही अनुमित होगी, जिनके पास श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड द्वारा जारी टोकन होंगे।' उन्होंने कहा कि श्राइन बोर्ड ने उन्हें कल (बृहस्पतिवार) के लिए दो हजार टोकन दिए हैं।