मुंबई (21 नवंबर 24)। केन्या के राष्ट्रपति विलियम रूटो ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की है, जिसमें उन्होंने भारतीय कंपनी अडानी ग्रुप के साथ किए गए सभी समझौतों को रद्द करने की बात कही। इन समझौतों में बिजली ट्रांसमिशन और एयरपोर्ट विस्तार जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएं शामिल थीं। केन्या सरकार ने अडानी ग्रुप के साथ हुए 700 मिलियन डॉलर के पावर ट्रांसमिशन समझौते को रद्द कर दिया है। इस समझौते के तहत केन्या में बिजली के ट्रांसमिशन के लिए बुनियादी ढांचा तैयार किया जाना था, जो अब पूरी तरह से स्थगित कर दिया गया है। इसके अलावा, अडानी ग्रुप का 1.8 बिलियन डॉलर का प्रस्ताव भी रद्द कर दिया गया है, जो एक अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के विस्तार के लिए था। यह प्रस्ताव केन्या के एयरपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए था, जिसे अब केन्या सरकार ने रद्द कर दिया है। केन्या द्वारा इन समझौतों को रद्द किए जाने का कारण अडानी ग्रुप पर अमेरिका में लगाए गए वित्तीय धोखाधड़ी के आरोप माने जा रहे हैं। हाल ही में अडानी ग्रुप पर हिंडनबर्ग रिपोर्ट के बाद गंभीर आरोप लगे थे, जिसके बाद कई देशों में कंपनी की परियोजनाओं को लेकर संशय उत्पन्न हुआ है।