Monday, 05 Oct 2026

अगली पीढ़ी की GST से बढ़ेगा भरोसा: मोदी

नईदिल्ली (06 अक्टूबर 26)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) सुधारों के अगले चरण का समर्थन करते हुए कहा है कि प्रस्तावित बदलाव कर व्यवस्था को अधिक सरल बनायेंगे तथा कर दायित्वों को लेकर पूर्वानुमान लगाने में आसानी होगी। जीएसटी परिषद की बैठक 7 अक्टूबर को होने जा रही है जिसमें इस अप्रत्यक्ष कर प्रणाली में सुधारों के अगले दौर पर चर्चा होने की उम्मीद है।

वित्त एवं कॉरपोरेट मामलों की मंत्री निर्मला सीतारमण की ‘एक्स' की एक टिप्पणी को साझा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा, 'अगली पीढ़ी की जीएसटी प्रणाली कराधान को अधिक सरल बनायेगी तथा उसके बारे में अनुमान लगाना और आसान होगा। इससे अनुपालन आसान होगा, रिफंड प्रक्रिया में सुधार आएगा और कारोबारियों को निवेश तथा विस्तार के लिए अधिक भरोसा मिलेगा। सरकार इन सुधारों को‘विकसित भारत'के लक्ष्य से जोड़कर देख रही है।' उन्होंने कहा कि सुधारों से कारोबारी इकाइयों और परिवारों को मदद मिल रही है। 

मोदी ने कहा कि ये सुधार आर्थिक गतिविधियों के विस्तार, राजस्व को मजबूत करने और देशभर के उद्यमों के लिए नए अवसर पैदा करने में मदद कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जीएसटी सुधारों के अगले चरण में अनुपालन को आसान बनाने और रिफंड प्रक्रिया को बेहतर करने पर ध्यान दिया जाएगा, जिससे कारोबारियों को निवेश और विकास के लिए अधिक विश्वास मिलेगा। इससे विकसित भारत की नींव और मजबूत होगी। पंजीकरण से लेकर रिफंड तक इसका अनुपालन आसान होगा।

जीएसटी परिषद की 56वीं बैठक के फैसलों के तहत 22 सितंबर 2025 को जीएसटी ढांचे में बड़े बदलाव लागू किये गये और अधिकांश उत्पादों को पांच प्रतिशत तथा 18 प्रतिशत कर के अंतर्गत ला दिया गया। इसके साथ ही 28 प्रतिशत का क्षतिपूरक उपकर भी समाप्त कर दिया गया । जीएसटी की शुरुआत 1 जुलाई 2017 को हुई थी। इसके तहत केंद्र और राज्यों के कई अप्रत्यक्ष करों को एकीकृत व्यवस्था में लाया गया और देश में एक साझा राष्ट्रीय बाजार तैयार किया गया। इसके बाद से जीएसटी दरों, प्रक्रियाओं और तकनीकी व्यवस्था में कई बदलाव किए जा चुके हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जीएसटी के तहत पंजीकृत करदाताओं की संख्या 2017 में करीब 66.5 लाख थी, जो मई 2026 तक बढ़कर 1.65 करोड़ हो गई।

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