नईदिल्ली (09 मई 24)। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के सचिव अपूर्व चंद्रा ने थैलेसीमिया से निपटने के लिए इसकी समय पर पहचान और रोकथाम के महत्व पर बल दिया है।अंतर्राष्ट्रीय थैलेसीमिया दिवस के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सही समय पर इसकी रोकथाम करके ही इस बीमारी को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
इस अवसर पर केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि थैलेसीमिया से निपटने के लिए समय पर जांच और रोकथाम सबसे प्रभावी रणनीति है। उन्होंने कहा कि देश में थैलेसीमिया के लगभग एक लाख मरीज हैं और हर वर्ष लगभग 10,000 नए मामले सामने आते हैं। उन्होंने स्क्रीनिंग के माध्यम से समय पर रोग का पता लगाकर तुरंत रोकथाम पर बल दिया।