Tuesday, 29 Sep 2026

'हे मां गंगा अगर सेवा में कुछ कमी रह गई हो तो माफ करना': मोदी

नईदिल्ली (27 फरवरी 25)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को विशाल महाकुंभ समागम की तुलना गुलामी की मानसिकता की बेड़ियों को तोड़कर स्वतंत्र रूप से सांस लेने वाले राष्ट्र की नई जागृत चेतना से की। महाकुंभ के समापन के एक दिन बाद उन्होंने एक ब्लॉग में लिखा, 'महाकुंभ समाप्त हो गया है। एकता का 'महायज्ञ' संपन्न हो गया है।' उन्होंने कहा कि देश को अब 'विकसित भारत' के लक्ष्य को पूरा करने के लिए आत्मविश्वास और एकता की इसी भावना के साथ आगे बढ़ना है। मोदी ने कहा कि संगम में जितनी उम्मीद थी, उससे कहीं अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र डुबकी लगाई। उन्होंने कहा कि भारत अब नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रहा है और यह युग परिवर्तन की ओर इशारा करता है जो भारत के लिए एक नया भविष्य लिखेगा।

प्रधानमंत्री ने 'माँ गंगा, माँ यमुना, माँ सरस्वती' के साथ-साथ लोगों से, जिन्हें उन्होंने भगवान का रूप बताया, सेवाओं में किसी भी कमी के लिए क्षमा मांगी। उन्होंने कहा कि इतनी बड़ी व्यवस्था करना आसान नहीं था। महाकुंभ में भगदड़ के दौरान कम से कम 30 श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी, जिसमें देश भर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए थे। उत्तर प्रदेश सरकार ने कहा है कि 13 जनवरी को महाकुंभ शुरू होने के बाद से प्रयागराज में 65 करोड़ से अधिक लोग पवित्र स्थल पर आए हैं। अपने ब्लॉग में मोदी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्रशंसा करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश के सांसद के रूप में वह गर्व से कह सकते हैं कि आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार, प्रशासन और लोगों ने सामूहिक रूप से इस 'एकता के महाकुंभ' को सफल बनाया। उन्होंने प्रयागराज के निवासियों की भी प्रशंसा करते हुए कहा कि सफाई कर्मचारी, पुलिस कर्मी, नाविक, ड्राइवर और रसोइया सभी ने भक्ति और सेवा की भावना के साथ अथक परिश्रम करके इसे सफल बनाया। उन्होंने जोर देकर कहा कि पिछले कुछ दशकों में जो कभी नहीं हुआ, वह इस बार हुआ। उन्होंने कहा, 'इसने आने वाली कई शताब्दियों की नींव रखी है।'

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